Ashok Chandana ans Naresh Meena: देवनारायण जयंती के मौके पर बूंदी में शुरू हुई सियासी बयानबाज़ी अब हिंडोली और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का बड़ा विषय बन गई है. पूर्व मंत्री और हिंडोली से कांग्रेस विधायक अशोक चांदना के आक्रामक बयान पर भगत सिंह नेता के प्रमुख नरेश मीणा ने पलटवार करते हुए रोज़ड़े की ताकत गिनाई और राजनीतिक चुनौती दे डाली. यह जुबानी जंग अब स्थानीय राजनीति के दायरे से बाहर निकलकर क्षेत्रीय बहस का मुद्दा बनती जा रही है.
देवनारायण जयंती के अवसर पर बूंदी स्थित देवनारायण मंदिर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अशोक चांदना ने विरोधियों पर तीखा हमला बोला था. उन्होंने कहा कि हिंडोली क्षेत्र में “रोजड़े” (नील गाय) बहुत आ रहे हैं, कोई देवली से, कोई भीलवाड़ा से, कोई कोटा से तो कोई बारां से. चांदना ने तंज कसते हुए कहा कि इसमें चिंता करने जैसी कोई बात नहीं है और विरोधी बेवजह हल्ला मचा रहे हैं.
भीड़ और मदारी वाले बयान से बढ़ा विवाद
भीड़ को लेकर उठे सवालों पर अशोक चांदना ने कहा “मदारी और बंदर भी भीड़ पर खेल दिखाने वाले होते हैं,” जिससे सियासी माहौल और गरमा गया. उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं. विपक्ष ने इसे जनता और युवाओं का अपमान बताया, जबकि समर्थकों ने इसे राजनीतिक कटाक्ष और आत्मविश्वास से भरा बयान करार दिया.
‘पत्थर बन गया हूं' कहकर दिखाई सख़्ती
इसी मंच से चांदना ने और कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अब मैं पत्थर बन गया हूं, जो सामने आएगा उसे गेंद बना दूंगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि लंबे समय से उनके खिलाफ साजिशें रची जा रही हैं और बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं. अब वे हर हमले का जवाब उसी तीव्रता से देंगे. चांदना ने यह भी कहा कि जनता का भरोसा उनके साथ है और वही उनकी सबसे बड़ी ताकत है.
हिंडोली दौरे पर नरेश मीणा का पलटवार
चांदना के इन बयानों पर नरेश मीणा ने हिंडोली दौरे के दौरान जोरदार पलटवार किया. एक दिवसीय दौरे पर हिंडोली पहुंचे नरेश मीणा ने कई गांवों में पूर्णाहुतियों में शिरकत की और सभाओं को संबोधित किया. इस दौरान बड़ी संख्या में युवाओं की मौजूदगी देखी गई, जिनके स्वागत और समर्थन के वीडियो भी सामने आए और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए.
रोजड़ा बताया ताकत, डर नहीं
नरेश मीणा ने कहा कि रोजड़ा कोई डरने की चीज नहीं है, बल्कि यह ताकत का प्रतीक है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि देवली-उनियारा से प्रभु लाल सैनी, भीलवाड़ा से धीरज, बारां से नरेश मीणा और कोटा से प्रह्लाद गुंजल अगर रोजड़ा बनकर चारों दिशाओं से आ जाएं तो सामने वाला राजनीति करना ही भूल जाएगा. उन्होंने कहा कि यह भीड़ किसी मदारी का खेल नहीं, बल्कि जागरूक युवाओं और जनता की ताकत है.
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