Rajasthan News: राजस्थान के सरकारी स्कूल की 3 होनहार बेटियों के लिए शुक्रवार का दिन उनके जीवन का सबसे यादगार पल बन गया. डीडवाना-कुचामन जिले के केराप गांव में स्थित राजकीय महात्मा गांधी स्कूल की तीन छात्राओं- खुशी मेघवाल, रंजना नायक और ज्योति ने बोर्ड परीक्षा से पहले हुए एक 'टेस्ट' में क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल किया था.
मजाक में कही थी हेलीकॉप्टर में घूमने की बात
जब प्रधानाचार्य राजेंद्र ढाका ने उनसे इनाम के बारे में पूछा, तो छात्राओं ने मजाक में हेलीकॉप्टर में घूमने की इच्छा जताई. प्रधानाचार्य ने इस मजाक को गंभीरता से लिया और करीब 1 लाख रुपये का निजी खर्च कर शुक्रवार को जयपुर के पास चौमूं से इन बेटियों को आधे घंटे तक आसमान की सैर करवाई. आसमान से राजधानी जयपुर को देख बेटियों के चेहरे खिल उठे.

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छात्राओं के लिए सपना सच होने जैसा अनुभव
इस अनोखी यात्रा के बाद छात्रा ज्योति और खुशी ने बताया कि उन्हें यकीन ही नहीं था कि उनकी एक छोटी सी इच्छा सच हो जाएगी. प्रधानाचार्य राजेंद्र ढाका के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य समाज में सकारात्मक संदेश देना और ग्रामीण परिवेश की बच्चियों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करना है. अभिभावकों को भी इस बात का भरोसा नहीं था कि स्कूल में टॉप करने पर उनकी बेटियों को इतना बड़ा सम्मान मिलेगा. इस नवाचार ने न केवल इन तीन छात्राओं, बल्कि पूरे स्कूल के बच्चों में कड़ी मेहनत करने का नया उत्साह भर दिया है.
ललासरी गांव में भी उड़ी सपनों की उड़ान
इसी कड़ी में डीडवाना जिले के ही ललासरी गांव में एक और भव्य आयोजन बुधवार, 11 मार्च को देखने को मिला था. यहां राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान में दोपहर करीब 2:30 बजे जैसे ही हेलीकॉप्टर उतरा, पूरा गांव स्कूल की टॉपर बेटियों का उत्साह बढ़ाने उमड़ पड़ा. विद्यालय के प्रधानाचार्य हरवीर सिंह जाखड़ के नवाचार और भामाशाह ओमप्रकाश पावड़िया के विशेष सहयोग से पिछले 5 वर्षों की टॉपर छात्राओं- मुन्नी मेघवाल, गीतांजली मेघवाल, जिंकल जांगिड़, लक्ष्मी गुर्जर और कोमल गुर्जर को हेलीकॉप्टर राइड करवाई गई.

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शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहन का अनूठा उदाहरण
ललासरी की इन मेधावी बेटियों ने हेलीकॉप्टर में सवार होकर अपने ही गांव के ऊपर चक्कर लगाया और हवाई सफर का आनंद लिया. विद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस तरह के पुरस्कार केवल एक यात्रा भर नहीं हैं, बल्कि ये विद्यार्थियों के मन में बड़े सपने देखने और उन्हें हासिल करने का हौसला पैदा करते हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रति इस तरह का सकारात्मक माहौल अब पूरे राजस्थान में चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां प्रधानाचार्य और भामाशाह मिलकर सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदल रहे हैं.
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