राजस्थान विधानसभा में पशु बीमा योजना के सवाल पर विधानसभा में हंगामा हुआ. कांग्रेस विधायक हरीश चौधरी ने पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत पर सही तरीके से जवाब नहीं देने के आरोप लगाया. हरीश चौधरी ने कहा कि बाड़मेर में गैर संवैधानिक पावर सेंटर काम नहीं करने देते. जोराराम कुमावत ने जवाब दिया कि जिनके घर शीशे के बने होते हैं, वह दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंका करते. दरअसल, हरीश चौधरी ने पशुओं की मृत्यु पर बीमा क्लेम से संबंधित सवाल पूछा था. उन्होंने पूछा कि कंपनियों को कितना प्रीमियम दिया गया है और कितना क्लेम किसानों को दिया गया? इनके जवाब में मंत्री ने कहा कि 65 हजार 643 अभी पॉलिसी के लिए प्रक्रियाधीन हैं और 49 लाख से ज्यादा का भुगतान भी हो गया.
"ना बाड़मेर और ना पाली में काम कर पाते हैं मंत्री"
इस पर हरीश चौधरी ने कहा कि लिखित उत्तर और मंत्री की तरफ से दिया गया जवाब अलग-अलग है. मेरा साधारण सवाल था लक्ष्य कितना था और कितना हासिल हुआ? हरीश चौधरी ने चुटकी लेते हुए कहा कि मंत्री बहुत सज्जन, सीधे हैं और बाड़मेर के प्रभारी मंत्री हैं. लेकिन बाड़मेर जाते हैं तो इन्हें काम नहीं करने दिया जाता. गृह क्षेत्र पाली में रहते हैं तो वहां भी इन्हें काम नहीं करने दिया जाता.
संसदीय कार्यमंत्री का जवाब
इस बीच संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि, जिनके कालखंड में ऐसा हुआ है, वह इस तरह के आरोप लगाते हैं. विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने टोकते हुए कहा कि मंत्री बिना नोटिस के आरोप नहीं लगा सकते. हरीश चौधरी बोले कि मैं आरोप नहीं लगा रहा, बल्कि मेरे लिए और मंत्री के लिए संरक्षण मांग रहा हूं.
पूर्ववर्ती सरकार के का दावों का निस्तारण हमने किया- मंत्री
जोराराम कुमावत ने कहा कि कांग्रेस की सरकार के समय जो दावे आए थे, उनमें से 21 के क्लेम का निस्तारण हमारी सरकार ने किया. आपकी तो पूरी योजना ही फेल हो गई. हम तो 42 लाख पशुओं के बीमा करेंगे. अभी तक 31735 का रजिस्ट्रेशन कर दिया है. 16 लाख से ज्यादा पशुओं की पॉलिसी पशुपालकों को दे दी है. आगे भी हमारी सरकार इस योजना को लगातार जारी रखेगी.
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