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This Article is From Nov 04, 2023

CM गहलोत के करीबी मंत्री प्रमोद भाया की अन्ता विधानसभा सीट का सियासी समीकरण, जानिए क्या है खास

बारां जिले की हॉट सीट माने जाने वाली अन्ता विधानसभा में भाजपा ने अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है. भाजपा ने अन्ता विधानसभा क्षेत्र से कंवरलाल को पहली बार मौक दिया है. जबकि ऐसा माना जाता है कि इस क्षेत्र में कांग्रेस की पकड़ मजबूत है. आइए, जानते हैं क्या रहा है इस सीट का इतिहास..

CM गहलोत के करीबी मंत्री प्रमोद भाया की अन्ता विधानसभा सीट का सियासी समीकरण, जानिए क्या है खास
कांग्रेस सरकार में खान मंत्री प्रमोद जैन भाया.

Rajasthan Assembly Election 2023: विधानसभा चुनाव को लेकर प्रदेश में सियासी पारा चढ़ा हुआ है. राज्य की वीआईपी सीटों पर सबकी नजरें टिकी है. आज बात बारां जिले के हाई प्रोफाइल सीट अन्ता की. जहां से सीएम गहलोत के करीबी मंत्री प्रमोद भाया मैदान में हैं. भाजपा ने भी अन्ता से अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है. भाजपा ने अन्ता विधानसभा क्षेत्र से कंवरलाल को पहली बार मौक दिया है. कंवरलाल मीणा इससे पहले झालावाड़ जिले की मनोहरथाना सीट से भाजपा की और से 2013 में चुनाव लड़े थे और उनके सामने कांग्रेस से कैलाश मीणा को मैदान में उतारा था, जहां भाजपा के कंवरलाल मीणा ने कांग्रेस के कैलाश मीणा को लगभग 24 हजार वोटों से मात दी थी. 

चौथी बार अंता विधानसभा से बने हैं उम्मीदवार

कंवरलाल मीणा मनोहर थाना से 2013-18 तक विधायक रहे लेकिन भाजपा ने उन्हें 2018 में वापस टिकट नहीं दिया, तो वहीं कांग्रेस की दूसरी सूची जारी होने के बाद सूची में 43 उम्मीदवारों की घोषणा की गई थी जिसमें कांग्रेस से खान एवं गो-पालन मन्त्री प्रमोद जैन भाया को फिर से मैदान में उतारा है. खान मन्त्री प्रमोद जैन भाया को चौथी बार अंता विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया है.

अंता सीट का इतिहास

परिसीमन के बाद बारां की सीट से अलग हुई अंता विधानसभा में कांग्रेस मजबूत है. यहां से अभी तक तीन चुनाव कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया ने लड़ा है, जिनमें 2013 में उन्हें हार मिली थी. जहां भाजपा ने पूर्व कृषि मन्त्री प्रभुलाल सैनी को मैदान में उतारा था और उनको जीत हासिल हुई थी. उसके बाद प्रभु लाल सैनी को राजस्थान की वसुन्धरा सरकार ने केबिनेट में शामिल करते हुए कृषि मन्त्री बनाया था.

गहलोत के करीबी रहे हैं भाया

वहीं, 2008 और 2018 में प्रमोद जैन भाया यहां से चुनाव जीते थे. जिसके बाद 2018 में प्रमोद जैन भाया को गहलोत सरकार ने खान, गौपालन एवं पेट्रोलियम मन्त्री जैसे बड़े विभागों से नवाजा.

खान मन्त्री भाया का गहलोत सरकार को बचाने में अहम भूमिका और ओहदा रहा है. वहीं गहलोत के नजदीकी होने से एक वर्ष में अशोक गहलोत बारां में अपार जन समूह के साथ तीन बड़ी सभाएं भी कर चुके हैं.

प्रमोद भाया पर फिर जताया है विश्वास

अब विधानसभा 2023 के चुनावों में कांग्रेस ने फिर से प्रमोद जैन भाया पर विश्वास जताते हुए अन्ता से मैदान में उतारा है. जबकी भाजपा ने अन्ता से कंवरलाल मीणा को उम्मीदवार घोषित किया है. बात करें 2003 विधानसभा चुनाव की तो इस चुनाव में भाजपा के प्रेम नारायण गालव व निर्दलीय प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया ओर कांग्रेस के शिवनारायण नागर के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला जिसमे प्रमोद जैन भाया ने भाजपा के दिग्गज प्रेम नारायण गालव व कांग्रेस के शिवनारायण को हराकर निर्दलीय चुनाव जीता था.जिसमें प्रमोद जैन भाया ने करीब 6750 मतो से जीत दर्ज की. 

भाया ने 2008 चुनाव में हासिल की थी बड़ी जीत

अब बात करेंगे 2008 विधानसभा चुनाव की तो इस चुनाव में दो दिग्गजों के बीच मुकाबला देखने को मिला, इसमें भाजपा के कद्दावर नेता रघुवीर सिंह कौशल व कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया में महामुकाबला हुआ जिसमें कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया ने भाजपा के रघुवीर सिंह कौशल को 29 हजार 668 मतो से हराया.

अन्ता विधानसभा का भौगोलिक परिदृश्य

अंता विधान सभा क्षेत्र कृषि प्रधान उपजाऊ क्षेत्र के साथ एक समृद क्षेत्र है, जहां अधिकांश लोग कृषि पर निर्भर रहकर जीवन यापन कर रहे हैं. नहरी क्षेत्र होने के कारण किसानों की हालत ठीक ठाक स्थिति में है. यहां गैस से संचालित अन्ता एनटीपीसी पॉवर प्लांट स्थित है.

जनसंख्या का आधार

अंता विधानसभा क्षेत्र में 249 बूथ है तथा 2 लाख 16 हजार 569 मतदाता हैं जिनमें 1 लाख 11 हजार 869 पुरुष और 1 लाख 4 हजार 700 महिलाएं वोटर हैं. बात करें अगर जातीय समीकरण की तो अंता विधानसभा माली बाहुल्य क्षेत्र है, जहां लगभग 40 हजार के करीब माली समाज के मतदाता हैं और लगभग 30 हजार के करीब मीणा जाति निवास करती हैं. अंता विधानसभा में माली समाज को बाहुल्य माना जाता है इसी प्रकार एससी समुदाय भी लगभग 35 हजार की संख्या में मौजूद हैं. इसके बाद धाकड़ व गालव समाज है.

स्थानीय और बाहरी का मुद्दा रहेगा हावी

अन्ता विधानसभा में बेरोजगारी मूलभूत समस्या है तो दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, बिजली पानी जैसी समस्याओं के समाधान की दरकार है. साथ ही भाजपा के लिए यह डगर कठिन होगी क्योंकि कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया स्थानीय है और कंवरलाल मीणा बहारी प्रत्याशी हैं. कांग्रेस इसे मुख्य मुद्दा बनाकर भी चुनाव मैदान में उतरेगी. 

योजनाओं के दम पर रिपीट होगी सरकार

शुक्रवार को प्रमोद जैन भाया ने नामांकन दाखिल किया और पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि अंता और बारां में किए विकास और धार्मिक कार्य के चलते जनता दुबारा आशीर्वाद देगी. पत्रकारों से बातचीत में भाया बोले, राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के दम पर सरकार रिपीट होगी, साथ ही उन्होंने बारां जिले की चारों विधानसभा सीटे जीतने का दावा किया. बीजेपी पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा बारां में कोई चुनाव लड़ने योग्य स्थानीय नेता नहीं है. इसलिए भाजपा बाहरी प्रत्याशी लेकर आयी है.

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