
Suicide In Kota: राजस्थान के कोटा जिले में एक व्यक्ति को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में पुलिस उपाधीक्षक और बारां नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष सहित छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि व्यक्ति ने एक पत्र छोड़ा था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गयी.
सुसाइड नोट में लगाया था पुलिसकर्मियों पर उकसाने का आरोप
पुलिस अधिकारीयों ने बताया कि घटना मंगलवार दोपहर को हुई, जब शुभम सक्सेना (30) को छत से लटका हुआ पाया गया. अधिकारियों के मुताबिक, मृतक ने दो पन्नों का एक सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उसने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने बारां नगर परिषद के पूर्व प्रमुख कमल राठौर और कुछ अन्य लोगों के निर्देश पर उसके खिलाफ झूठे मामले बनाकर उसे परेशान किया.
मृतक के परिजनों ने दिया था धरना
इसके बाद मृतक के परिजनों ने बारां जिला अस्पताल के शवगृह के बाहर धरना दिया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. परिजनों ने मांगें पूरी होने तक शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने से इनकार कर दिया. अधिकारियों ने बताया कि इस विरोध प्रदर्शन में राज्य के पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया भी शामिल हुए.
आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज
पुलिस ने बताया कि शुभम की मां की शिकायत के आधार पर राठौर और पुलिस उपाधीक्षक समेत सात लोगों के खिलाफ बुधवार रात भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया. पुलिस ने बताया कि मामले की जांच कोटा के अपर पुलिस अधीक्षक (अपराध एवं सतर्कता) बेनी प्रसाद मीना को सौंपी गई है.
सुसाइड नोट में लिखा- गंदी राजनीति से मेरा जीवन नरक हो गया
दो पन्ने के सुसाइड नोट में युवक ने नगर परिषद के पूर्व सभापति कमल राठौड़ और पुलिस पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है. युवक ने सुसाइड में लिखा कि मुझे माफ करना मम्मी-पापा. मेरा मन था मैं सरकारी नौकरी नौकरी करूं, पर गंदी राजनीति के शिकार से मेरा जीवन नरक हो गया है.
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