Rajasthan Mysterious Illness: सलूंबर जिले में एक बार फिर बीमार होने के बाद बच्चों की मौतों का मामला सामने आया है. जिले के लसाड़िया उपखंड के खजुरी पंचायत के कुंडा में एक दिन के अंदर दो चचेरी बहनों की मौत हो गई. परिजनों का कहना है कि दोनों को उल्टी हुई और शरीर में अकड़न आई इसके बाद उन्हें हॉस्पिटल लेकर गए लेकिन उससे पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया. जैसे ही मौत की खबर गांव और क्षेत्र में फैली हड़कंप मच गया. मौके पर सीएमएचओ, बीसीएमएचओ सहित मेडिकल की टीमें पहुंची. इसके बाद घर घर स्कैनिंग शुरू की गई.
उल्टी होने के 2 घंटे बाद मौत
परिजनों ने बताया कि शुक्रवार को 6 वर्षीय आशा को शुक्रवार दोपहर 12 बजे पहले उल्टी हुई, इसके बाद रुक रुककर 2 घंटे तक शरीर में झटके आए और उसके बाद उसकी मौत हो गई. वहीं 5 वर्षीय रुसा मीणा को शुक्रवार को ही शाम को 6 बजे पहली उल्टी हुई, इसके बाद इसे भी 2 घंटे तक रुक रुककर शरीर में झटके आए. इसके बाद उसकी मौत हो गई. दोनों को हॉस्पिटल लेकर गए उससे पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी. दोनों चचेरी बहने थी. इसमें आशा के शव का परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया लेकिन बीसीएमएचओ सिंटू कुमावत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रुसा के शव का पोस्टमार्टम कराया गया.
गांव में मिले बीमार बच्चे अस्पताल में भर्ती
इसके बाद मेडिकल टीमों ने घर घर जाकर स्कैनिंग शुरू की. पूछताछ की गई कि किसी भी बच्चे को फीवर या अन्य कोई लक्षण या बीमारी तो नहीं. बताया जा रहा है कि गांव से कुछ बच्चे बीमार मिले जिनको जिला हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है. आपको बता दे कि इसी प्रकार के लक्षण से सलूंबर जिले में ही 1 अप्रैल से 10 दिनों के भीतर 8 बच्चों को मौत हुई थी. अब चिकित्सा विभाग पोस्टमार्टम की रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद ही दोनों चचेरी बहनों के मौत का कारण साफ हो सकता है.
इधर नेता प्रतिपक्ष टीकारण जूली ने कहा कि बेहद दुखद घटना हुई है. पहले भी सलूंबर सहित प्रतापगढ़ में बच्चों की मौतें हुई थी. सरकार ने गंभीरता से नहीं लिया. शनिवार को उनके परिवार से मिलने जाएंगे.
घर-घर सर्वे करने का जिला कलेक्टर ने दिया निर्देश
अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ.दिनेश राय सापेला ने बताया कि लसाड़िया के कुंडा गांव में दो बालिकाओं की असामयिक मृत्यु अत्यंत दुखद है. प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से मेडिकल टीमों को मौके पर तैनात कर दिया है. प्राथमिक सूचना के अनुसार लक्षण उल्टी और झटकों के बताए जा रहे हैं. मृत्यु के वास्तविक कारणों का सटीक पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही चलेगा. मैंने बीसीएमएचओ और तहसीलदार को निर्देशित किया है कि गांव के एक-एक घर का सर्वे किया जाए और यदि कोई भी बच्चा सामान्य बीमार भी पाया जाता है, तो उसे तुरंत उच्च स्तरीय उपचार उपलब्ध कराया जाए. ग्रामीण धैर्य रखें और किसी भी लक्षण को छिपाने के बजाय तुरंत सरकारी अस्पताल में रिपोर्ट करें."