Rajasthan News: राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में पुलिस ने नशे के काले कारोबार पर अब तक की सबसे बड़ी चोट की है. नोहर क्षेत्र के असरजाना गांव में पुलिस ने एक ऐसी मिनी फैक्ट्री पकड़ी है, जहां धड़ल्ले से खतरनाक एमडी ड्रग्स तैयार की जा रही थी. एसपी नरेंद्र मीना के कुशल मार्गदर्शन में हुई इस कार्रवाई ने पूरे इलाके को चौंका कर रख दिया है.
खेत की ढाणी बनी ड्रग्स का अड्डा
पुलिस की गिरफ्त में आए मुख्य आरोपी सुभाष बिश्नोई ने बेहद शातिराना तरीके से एक खेत की ढाणी को नशे की फैक्ट्री में बदल दिया था. इस ढाणी में गुप्त रूप से केमिकल के जरिए सिंथेटिक ड्रग्स बनाई जा रही थी. हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर अपराध में एक सरकारी स्कूल का शारीरिक शिक्षक (पीटीआई) विजयपाल सिंह भी शामिल पाया गया. इसके अलावा सुनील कुमार नाम का एक युवक जो पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था वह भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया है.
गुजरात का वांटेड तस्कर है मास्टरमाइंड
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड सुभाष बिश्नोई है जो मूल रूप से जालौर का रहने वाला है. वह गुजरात पुलिस की लिस्ट में पहले से ही वांछित अपराधी है. उसके खिलाफ एनडीपीएस, पॉक्सो, डकैती और मारपीट जैसे पांच संगीन मामले पहले से दर्ज हैं. आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है.
भारी मात्रा में नशीले पदार्थ
नोहर थानाधिकारी अजय कुमार और उनकी टीम ने इस छापेमारी में 5.36 ग्राम एमडी ड्रग्स और 212 ग्राम अफीम बरामद की है. इसके साथ ही ड्रग्स बनाने में उपयोग होने वाले भारी मात्रा में केमिकल और अन्य उपकरण भी जब्त किए गए हैं. पुलिस की इस कार्रवाई से नशा तस्करों के हौसले पस्त हो गए हैं.
पांच आरोपी अभी भी फरार
इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है लेकिन पांच अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह नेटवर्क कब से सक्रिय था और इसके तार कहां तक जुड़े हैं. एसपी ने स्पष्ट कर दिया है कि फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है.
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