
Ajmer Dargah News: अजमेर की विश्व प्रसिद्ध सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में हिंदू मंदिर होने के दावे से जुड़े मामले में शनिवार को अजमेर सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट पश्चिम, न्यायाधीश मनमोहन चंदेल के न्यायालय में सुनवाई हुई. हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता खुद न्यायालय पहुंचे, उनके साथ भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा भी मौजूद रहे. सुबह प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई के बाद दोपहर लंच ब्रेक के बाद दोबारा सुनवाई हुई. इस दौरान दरगाह खादिमों की संस्था अंजुमन सैयद जादगान के सचिव सैयद सरवर चिश्ती व अन्य पदाधिकारी भी अदालत में उपस्थित हुए.
एएसआई और अल्पसंख्यक विभाग के प्रार्थना पत्रों पर बहस
मामले में गुप्ता की ओर से अधिवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि आज अदालत में दो प्रार्थना पत्र प्रस्तुत हुए, जिनमें से एक अल्पसंख्यक विभाग और दूसरा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) का था. दोनों ने अपने प्रार्थना पत्र रूल 7/10 के तहत लगाए थे. अधिवक्ता का कहना था कि नोटिस जारी करने की प्रक्रिया में त्रुटियां रही हैं और एएसआई को दिए गए नोटिस की समयसीमा भी उचित नहीं रही. गुप्ता पक्ष ने दलील दी कि साल भर पहले नोटिस जारी हो जाना चाहिए था जबकि नियम अनुसार इसे दो महीने पूर्व जारी किया जाना चाहिए.
दरगाह कमेटी को नहीं मिली सुनवाई, सुरक्षा रही कड़ी
वहीं, दरगाह कमेटी की ओर से भी अदालत में प्रार्थना पत्र दायर कर अपनी बात रखने का आग्रह किया गया, लेकिन न्यायालय ने उनकी दलील सुनने से इनकार कर दिया. इस बीच, अदालत परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए. गौरतलब है कि कुछ समय पूर्व विष्णु गुप्ता पर फायरिंग की घटना हुई थी, जिसके चलते इस बार भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा. अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 6 सितंबर 2025 तय की है.
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