
Ghaggar River: पंजाब और हिमाचल प्रदेश में हुई बारिश का असर अब घग्घर के माध्यम से हनुमानगढ़ जिले में नजर आने लगा है, दो दिन पहले तक जहां घग्घर नदी में पानी की मात्रा 3000 क्यूसेक से कम थी वो अब 5 हजार क्यूसेक पहुंच गई है. घग्घर में अचानक पानी की मात्रा बढ़ने से लोग बाढ़ को लेकर आशंकित नजर आ रहे है. पंजाब में आई बाढ़ का पानी भी घग्घर में रूट करने की आशंका के चलते अभी जलस्तर और बढ़ने की आशंका भी लगातार बनी हुई है. अमरपुरा गांव स्थित भद्रकाली मंदिर के काज वे के ऊपर लगभग एक से डेढ़ फीट पानी चल रहा है. वहीं पुलिस प्रशासन ने काज वे पर बैरिकेटिंग कर उसे बंद कर दिया है.
कई जगह तो तटबंधों की हालत पगडंडी से भी कमजोर
घग्गर में पानी की मात्रा बढ़ने के बाद पूर्व जल संसाधन मंत्री डॉ रामप्रताप भी तटबंधों को देखने अमरपुरा थेहड़ी पहुंचे, उनके साथ पहुंचे ग्रामीणों ने तटबंधों की सार संभाल और स्थिति को लेकर चिंता जाहिर की. कई जगह तो तटबंधों की हालत पगडंडी से भी कमजोर नजर आ रही है, जिस पर पूर्व मंत्री ने चिंता जताई. पूर्व मंत्री बोले बहाव क्षेत्र में अतिक्रमण है उनको हटाने के प्रयास करेंगे क्योंकि अगर बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती है तो यह अतिक्रमण सबसे बड़ा खतरा बन सकते है.
सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता ने क्या कहा?
तटबंधों की दयनीय स्थिति की सूचना मिलने पर सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता प्रदीप रुस्तगी भी मौके पर पहुंचे और तटबंधों का जायजा लिया, मुख्य अभियंता ने कहा कि विभाग लगातार घग्गर पर नजर बनाए हुए है. वैसे तो विभाग लगातार तैयारियों में जुट हुआ है लेकिन अगर कहीं कोई कमी रह भी गई तो उसे भी जल्द दुरुस्त कर लिया जाएगा.
जिला कलेक्टर ने क्या कहा?
जिला कलेक्टर डॉ खुशाल यादव ने बताया कि घग्घर के हालात पर लगातार फीडबैक लेने के साथ ही उपखंड अधिकारियों की मॉनिटरिंग के ड्यूटी लगा दी गई है. सब अपने अपने क्षेत्र में 24 घंटे बंधों की निगरानी कर रहे है. वहीं किसी भी तरह की सूचना साझा करने के लिए भी जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष की स्थापना भी कर दी गई है. जिला कलेक्टर का कहना है कि अभी स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, और जिला प्रशासन लगातार घग्गर पर नजर बनाए हुए है.
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