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फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट से ली सरकारी नौकरी, करीब 4 साल बाद खुलासा, चित्तौड़गढ़ में 5 शिक्षकों के खिलाफ एक्शन

साल 2016, 2018, 2021 और 2022 की शिक्षक भर्ती के रिकॉर्ड्स की पड़ताल की गई. इस दौरान दिव्यांग कोटे से नौकरी पाने वाले 85 में से 5 शिक्षकों के दस्तावेज फर्जी पाए गए.

फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट से ली सरकारी नौकरी, करीब 4 साल बाद खुलासा, चित्तौड़गढ़ में 5 शिक्षकों के खिलाफ एक्शन
शिक्षक भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े के खिलाफ विभाग का एक्शन.

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में 5 शिक्षकों ने फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट से नौकरी हासिल की. उनके इस फर्जीवाड़ा की भनक किसी को नहीं लगी. करीब 4 साल से ज्यादा वक्त बीत जाने के बाद शिक्षा विभाग ने बड़ा एक्शन लिया है. आरोपी शिक्षकों को ना सिर्फ नौकरी से हाथ धोना पड़ा, बल्कि एसओजी और संबंधित पुलिस थानों को भी रिपोर्ट भेज दी गई है. बताया जा रहा है कि आरोपियों ने साल 2016 से 2022 के दौरान अलग-अलग भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा किया था. शिक्षा विभाग ने सभी 5 शिक्षक को निलंबित कर दिया हैं. साथ ही स्कूल के संस्था प्रधानों ने बड़ीसादड़ी, भदेसर, चंदेरिया और भैंसरोड़गढ़ पुलिस थाना में रिपोर्ट दी है. 

मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में फर्जीवाड़े का खुलासा 

साल 2016, 2018, 2021 और 2022 की शिक्षक भर्ती के तहत 85 दिव्यांग शिक्षकों की पोस्टिंग हुई थी. इन रिकॉर्ड्स की जांच में 5 अभ्यर्थियों के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है. इन सभी शिक्षकों का मेडिकल बोर्ड ने परीक्षण किया. जांच रिपोर्ट में सरकारी कर्मचारियों की दिव्यांगता भर्ती के निर्धारित मानदंड से कम पाई गई है. ऐसे में नौकरी के दौरान लगाए दिव्यांग सर्टिफिकेट फर्जी पाए जाने की पुष्टि हुई है. एसओजी की पुष्टि के बाद राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय बानसेन में कार्यरत लेवल-1 शिक्षक चंद्रेश कुमार के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. 

इन शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई

बड़ीसादड़ी ब्लॉक में बोहेड़ा स्कूल के जयवीर सिंह, नलवाई स्कूल की दुर्गा गुर्जर, चित्तौड़गढ़ ब्लॉक में गोपालपुरा स्कूल के मनीष कुमार मीणा और भैंसरोड़गढ़ ब्लॉक में दीपपुरा स्कूल के बालमुकुंद वैष्णव के खिलाफ एक्शन हुआ. इनको 16 सीसी के नोटिस जारी किए गए हैं.

चित्तौड़गढ़ जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) राजेंद्र शर्मा ने मामले की जानकारी दी.

चित्तौड़गढ़ जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) राजेंद्र शर्मा ने मामले की जानकारी दी.

पिछले साल शुरू हो गई थी जांच

जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) राजेंद्र शर्मा ने बताया कि प्रारंभिक शिक्षा बीकानेर ने 10 सितंबर 2025 को सभी जिलों को आदेश जारी किए गए थे. आदेश में साल 2016, 2018, 2021 और 2022 की भर्ती में दिव्यांग कोटे से लगे कार्मिकों का मेडिकल परीक्षण कराने को कहा था. इसमें स्पष्ट निर्देश थे कि दिव्यांगता मानदंड से कम पाए जाने या फर्जी प्रमाण-पत्र मिलने पर दोषी कार्मिक के खिलाफ कार्रवाई कर सूचना एसओजी को भेजी जाए. 

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