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1 hour ago

Rajasthan SI Recruitment LIVE: राजस्थान में पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा-2021 को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर आ गया है. राजस्थान हाई कोर्ट ने इस परीक्षा को रद्द (HC Verdict on Rajasthan SI Exam 2021) कर दिया है, जिसके बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है. यह फैसला सिर्फ छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि राजस्थान की दो प्रमुख राजनीतिक हस्तियों, बीजेपी के वरिष्ठ नेता किरोड़ी लाल मीणा (Kirodi Lal Meena) और नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal), के बीच एक बड़ी बहस का कारण भी बन गया है.

बेनीवाल और मीणा आमने-सामने

परीक्षा रद्द होने के बाद NDTV के लाइव टेलीविजन शो के दौरान कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख हनुमान बेनीवाल के बीच तीखी बहस देखने को मिली. दोनों नेता फोन पर जुड़े थे और एक-दूसरे पर जमकर व्यक्तिगत कटाक्ष किए. बेनीवाल ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही थी, जिस पर मीणा ने कड़ा खंडन किया. बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों ने एक-दूसरे के लिए "बिकाऊ" और "फर्जी आदमी" जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया. दोनों ही नेता पेपर लीक मामलों के खिलाफ अपनी आवाज उठाने के लिए जाने जाते हैं.

हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

जस्टिस समीर जैन की एकल पीठ ने एसआई भर्ती 2021 को रद्द करते हुए कई अहम टिप्पणियां कीं. अदालत ने अपने आदेश में कहा, 'घर का भेदी लंका ढाए' का मुहावरा इस भर्ती के हालात को सटीक बयां करता है. अदालत ने कहा कि जिन लोगों (RPSC) पर भर्ती प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने की जिम्मेदारी थी, लेकिन वे ही इसमें संलिप्त पाए गए. यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश पर आधारित है, जिसमें कहा गया था कि अगर भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा हुआ है, तो पूरी परीक्षा को रद्द किया जा सकता है, भले ही कुछ निर्दोष अभ्यर्थी भी प्रभावित हों.

SI भर्ती रद्द होने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

कोर्ट के इस फैसले पर राजस्थान में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है.

डॉ. किरोड़ी लाल मीणा: उन्होंने फैसले का स्वागत करते हुए इसे "संघर्ष और सच की जीत" बताया. उन्होंने कहा कि अगर ऐसे फर्जी लोग भर्ती होकर थानेदार बनते तो कानून-व्यवस्था की स्थिति क्या होती, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है.

हनुमान बेनीवाल: उन्होंने भी इस फैसले को "सत्य और संघर्ष" की जीत बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी इस मामले को लेकर लगातार आंदोलन कर रही थी और आखिरकार उन्हें सफलता मिली.

कांग्रेस: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बीजेपी सरकार को घेरा. डोटासरा ने इस फैसले को "भाजपा सरकार के मुंह पर करारा तमाचा" बताया और आरोप लगाया कि बीजेपी ने युवाओं के साथ न्याय नहीं किया. उन्होंने कहा कि सरकार ने अदालत में इस परीक्षा को रद्द न करने का रुख अपनाया था, जिससे उसका दोहरा चरित्र सामने आ गया है.

इस फैसले के बाद अब 859 पदों पर भर्ती की नई प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है, जिससे उन लाखों युवाओं को राहत मिलेगी, जो लंबे समय से इस मामले में न्याय का इंतजार कर रहे थे.

Here Are the Rajasthan SI Exam 2021 Cancelled Live Updates

SI भर्ती रद्द: अब सरकार के पास क्या हैं विकल्प?

कानूनी जानकारों के अनुसार, राजस्थान सरकार के पास इस मामले से निपटने के लिए ये तीन रास्ते खुले हैं:

फैसले को स्वीकार करना और भर्ती रद्द करना:

  • यह सबसे सीधा विकल्प है. अगर सरकार कोर्ट के फैसले से पूरी तरह सहमत है और यह मानती है कि भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई थी, तो वह इसे स्वीकार कर लेगी.
  • इस स्थिति में, गृह विभाग और पुलिस महानिदेशक (DGP) कार्यालय के तालमेल से भर्ती रद्द करने का आधिकारिक आदेश जारी किया जाएगा.
  • यह कदम राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो सकता है, क्योंकि इससे विपक्ष को यह कहने का मौका मिलेगा कि बीजेपी सरकार ने अपने ही स्टैंड को बदला है.

डिवीजन बेंच में अपील करना:

अगर सरकार को लगता है कि हाई कोर्ट के एकल पीठ का फैसला सही नहीं है या उसमें कोई कानूनी खामी है, तो वह राजस्थान हाई कोर्ट की ही डिवीजन बेंच में अपील कर सकती है.

  • यह एक सामान्य कानूनी प्रक्रिया है, जहां एक बड़ा बेंच मामले की फिर से सुनवाई करता है.
  • इस विकल्प को चुनने पर मामला लंबा खिंचेगा और इसका सीधा असर उन युवाओं पर पड़ेगा जो न्याय का इंतजार कर रहे हैं.

सीधे सुप्रीम कोर्ट जाना (अंतिम विकल्प):

  • सरकार के पास सीधे सुप्रीम कोर्ट जाने का विकल्प भी है, लेकिन यह अंतिम विकल्प माना जाता है.
  • आमतौर पर, सुप्रीम कोर्ट में तभी अपील की जाती है जब डिवीजन बेंच का फैसला भी सरकार के खिलाफ आए.
  • यह सबसे लंबा और जटिल रास्ता है, जिसमें काफी समय और संसाधन खर्च होते हैं.

सरकार का रुख:

  • नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा है कि सरकार फैसले की समीक्षा कर रही है.
  • सरकार इस बात का भी आकलन करेगी कि क्या अदालत में इस फैसले को चुनौती देना जनहित में होगा या नहीं.
  • चूंकि यह भर्ती परीक्षा 2021 में हुई थी, इसलिए सरकार को यह भी देखना होगा कि इतने समय बाद इस पर क्या फैसला लेना सही रहेगा.
  • अधिकारियों का मानना है कि सरकार इन सभी विकल्पों पर विचार करेगी और उसके बाद ही कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा. यह फैसला न सिर्फ लाखों युवाओं के भविष्य को तय करेगा, बल्कि आने वाले समय में राजस्थान की राजनीति पर भी गहरा असर डालेगा.

Rajasthan News LIVE: SI भर्ती मामले में सरकार का अगला कदम क्या होगा?

DGP की भूमिका सबसे अहम

इस मामले में अब पुलिस महानिदेशक (DGP) और गृह विभाग की भूमिका सबसे अहम हो गई है. पुलिस महानिदेशक (DGP) के पास सब-इंस्पेक्टर का कैडर कंट्रोल होता है. इसका मतलब है कि इस मामले में आगे की पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी DGP कार्यालय की होगी.

  • रिपोर्ट तैयार करना: सबसे पहले इस मामले में OIC (Officer In Charge) सरकार को एक विस्तृत रिपोर्ट देंगे.
  • कोर्ट के आदेश की जानकारी: इस रिपोर्ट में कोर्ट के आदेश की आधिकारिक जानकारी शामिल होगी, जिसे सरकार के सामने रखा जाएगा.

गृह विभाग और कानूनी राय

DGP कार्यालय से रिपोर्ट मिलने के बाद मामला गृह विभाग के पास जाएगा. यहां से कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी.

  • आदेश का परीक्षण: गृह विभाग के विधि विभाग को कोर्ट के आदेश का परीक्षण करने के लिए कहा जाएगा.
  • अपील पर फैसला: विधि विभाग की राय के आधार पर सरकार यह तय करेगी कि हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करनी है या नहीं.
  • सरकार की मंजूरी: किसी भी अंतिम फैसले पर पहुंचने से पहले, सरकार में सक्षम स्तर पर (संभवतः मुख्यमंत्री और गृह मंत्री) से मंजूरी ली जाएगी.

दो रास्ते, दो संभावनाएं

सरकार के पास अब दो मुख्य विकल्प हैं:

  • अपील करने का फैसला: अगर सरकार हाई कोर्ट के फैसले से सहमत नहीं होती है, तो वह इसे डिवीजन बेंच में चुनौती देगी. इसके लिए गृह विभाग और DGP कार्यालय के बीच तालमेल से याचिका तैयार की जाएगी.
  • अपील न करने का फैसला: अगर सरकार यह तय करती है कि वह अपील नहीं करेगी, तो भर्ती रद्द करने का आदेश जारी कर दिया जाएगा. यह आदेश गृह विभाग के गृह ग्रुप-1 सेक्शन से जारी होगा, जो स्थापना (Establishment) से जुड़े मामलों को देखता है. 

इस आदेश के बाद, माना जाएगा कि SI भर्ती 2021 पूरी तरह से समाप्त हो गई है.

Rajasthan News LIVE: 'SI भर्ती पर हाई कोर्ट के फैसले की समीक्षा कर रही सरकार'

राजस्थान हाई कोर्ट द्वारा पुलिस उपनिरीक्षक (SI) भर्ती 2021 को रद्द किए जाने के बाद से प्रदेश की सियासत लगातार गरमाई हुई है. इस ऐतिहासिक फैसले के बाद सभी की निगाहें सरकार पर टिकी हैं कि वह आगे क्या कदम उठाएगी. इस बीच, कोटा में शुक्रवार को एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री (UDH) झाबर सिंह खर्रा ने इस मुद्दे पर सरकार का रुख साफ किया है. मंत्री खर्रा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि राजस्थान सरकार अभी हाई कोर्ट के फैसले की समीक्षा कर रही है. उन्होंने कहा, 'अभी सरकार फैसले की समीक्षा कर रही है. समीक्षा के बाद जो आवश्यक कदम होगा, वह राजस्थान की सरकार उठाएगी.' यह बयान यह संकेत देता है कि सरकार इस मुद्दे पर कोई भी फैसला जल्दबाजी में नहीं लेना चाहती और कानूनी पहलुओं पर विचार कर रही है.

Rajasthan News: छात्र संघ चुनाव मामले पर सुनवाई टली

राजस्थान हाईकोर्ट छात्र संघ चुनाव को बहाल करने के मामले में अब 3 सितंबर को सुनवाई करेगा. दरअसल, राजस्थान विश्वविद्यालय के छात्र जय राव ने छात्रसंघ चुनाव बहाल करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की हुई है.

इससे पहले मामला सुनवाई के लिए आज तय था. लेकिन अब कोर्ट ने इसके लिए 3 सितंबर की तारीख दी है. याचिकाकर्ता की ओर से वकील शांतनु पारीक मामले में पैरवी कर रहे हैं.

SC की वो टिप्पणियां, जिसे SI भर्ती रद्द करने के लिए HC ने बनाया आधार

  1. सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में कहा था, "अगर अनुसंधान में ये सामने आता है कि भर्ती प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा हुआ है तो पूरा एग्जाम रद्द किया जा सकता है."
  2. किसी चयन प्रक्रिया को रद्द करने के लिए निर्णय निष्पक्ष और गहन जांच के जरिए एकत्रित किए हुए सबूतों के माध्यम से होना चाहिए. लेकिन भर्ती प्रक्रिया में हुए फर्जीवाड़े और धांधली को संदेह से परे जाकर साबित करने की आवश्यकता नहीं है, जैसा कि आपराधिक मुकदमों में होता है. इसके बजाय एक सबूतों के आधार पर फर्जीवाड़े का प्रोबेबिलिटी टेस्ट के आधार पर आंकलन पर्याप्त है.
  3. अगर भर्ती प्रक्रिया में गंभीर हेराफेरी और फर्जीवाड़ा साबित होता है, तो प्रक्रिया की शुद्धता को निर्दोष अभ्यर्थियों की सुविधा से ऊपर रखा जाना चाहिए.
  4. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में कहा कि यदि यह साबित हो जाता है कि पूरी प्रक्रिया दूषित है तो व्यक्तिगत रूप से सुनवाई करना जरूरी नहीं है.

Rajasthan News: किरोड़ी लाल मीणा और हनुमान बेनीवाल की बहस का वीडियो वायरल

हनुमान बेनीवाल : आपको सब जानते हैं डॉक्टर साहब, आप क्या करते हो?

किरोड़ी लाल मीणा : मैं गांजा पीता हूं, स्मैक बेचता हूं, बदमाशों का साथ देता हूं. कभी गहलोत के साथ, कभी भजनलाल के साथ. 

किरोड़ी लाल मीणा : ज़्यादा मत बोलो, सारी पोल खोल दूंगा आज.

हनुमान बेनीवाल : अरे छोड़ो डॉक्टर साहब… गया जमाना आपका. सब जान गए आपको.

किरोड़ी लाल मीणा :  तुम लुटेरे हो, कागज दूं क्या, मेरे हाथ से लिए तुमने पैसे लिए तुमने

हनुमान बेनीवाल : अपनी औक़ात में रहो… काहे के डॉक्टर साहब.

किरोड़ी लाल मीणा : मैंने तुझे खड़ा किया था, तुझे बनाया था. सारी नेतागिरी भुला दूँगा.

हनुमान बेनीवाल : डेढ़ साल से आप कहां थे? दिल्ली का टाइम माँगते रहते हो.

किरोड़ी लाल मीणा : मेरा मुंह मत खुलवाओ… पेपर लीक में आरएलपी का गठजोड़ सामने आएगा.

हनुमान बेनीवाल : अरे डॉक्टर साहब, आप ही तो नेता हुए राजस्थान के?

किरोड़ी लाल मीणा : ज़्यादा मत बोल, सब कनेक्शन जोड़ दूंगा. तू दौसा आया था, पुलिस ने लाठी मारी थी तो कुर्सी में घुस गया था.

हनुमान बेनीवाल: आप ही भागे थे डॉक्टर साहब! 

हनुमान बेनीवाल : तू बजरी माफ़िया के साथ है. अपने साथ बैठने वालों को बेच देते हो. बिकाऊ हो ! चोरों की मदद करते है, चोरों को छुड़वाते हो.

किरोड़ी लाल मीणा : ज़्यादा मत बोल, नेतागिरी भुला दूंगा.

हनुमान बेनीवाल : औक़ात में रहो! नरेश मीणा को जेल भिजवाया था तुमने.

किरोड़ी लाल मीणा : जाटों को पागल बना रहा है, चोर कहीं का. चुनाव में मेरे पास आया था पैसे दिलाने, मैंने अपने हाथ से पैसे दिए हैं.

Rajasthan News LIVE: सीकर के इकोलॉजी पार्क में मिला नवजात का भ्रूण

सीकर के सदर थाना इलाके के सालासर रोड स्थित इकोलॉजी पार्क एंड बर्ड सेंचुरी में बने वॉकिंग वे के पास झाड़ियां में शुक्रवार सुबह एक नवजात का भ्रूण मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई. नवजात के भ्रूण के शव को कुत्तों (श्वान) ने नोच रखा था. सूचना पर सदर थाना पुलिस से मौके पर पहुंची और घटना स्थल की जांच पड़ताल करने के बाद नवजात के भ्रूण को पोस्टपार्टम के लिए एसके अस्पताल की मोर्चरी पहुंचाया. पुलिस के अनुसार किसी ने नाजायज पहचान छुपाने के लिए नवजात के भ्रूण को यहां फेंका है. नवजात के भ्रूण को कुत्तों ने कई जगह से नोच रखा है जिसके चलते यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ कि भ्रूण लड़के का है या लड़की का. पोस्टमार्टम के बाद ही डॉक्टर मामले में पूरी जानकारी दे पाएंगे.

Rajasthan News LIVE: आज जस्टिस समीर जैन नहीं करेंगे छात्र संघ चुनाव बहाल करने वाले मामले की सुनवाई

राजस्थान में छात्र संघ चुनाव बहाल करने वाले मामले पर आज हाई कोर्ट में सुनवाई होने वाली है. यह याचिका राजस्थान यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स जय राव ने लगाई है. इस मामले की सुनवाई पहले जस्टिस समीर जैन करने वाले थे. लेकिन वे दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेने चले गए हैं. इस वजह से उनकी अनुपस्थिति में अब जस्टिस अनूप कुमार ढंड इस याचिका पर सुनवाई करेंगे. सरकार के द्वारा पेश किए गए जवाब पर याचिकाकर्ता की ओर से आपत्तियां लगाई थी. इस पर आज सुनवाई होगी.

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