Rajasthan News: राजस्थान के किसानों के लिए अच्छी खबर है. कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने साफ कहा है कि राज्य में यूरिया की कोई कमी नहीं है. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार से मिलकर प्रदेश की जरूरत के अनुसार खाद की सप्लाई हो रही है. पूरे राज्य में प्राथमिकता और पारदर्शिता के साथ वितरण किया जा रहा है.
विभाग के अधिकारी रोजाना उपलब्धता पर नजर रख रहे हैं और जहां खपत ज्यादा है वहां विशेष ध्यान दिया जा रहा है. कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई हो रही है. अवैध स्टोरेज और यूरिया के गलत इस्तेमाल पर नकेल कसी जा रही है.
राज्य स्तर पर यूरिया का मजबूत स्टॉक
मंत्री ने बताया कि रबी सीजन 2025 के लिए अक्टूबर से दिसंबर तक यूरिया की मांग 11 लाख 34 हजार मीट्रिक टन थी. लेकिन अब तक 14 लाख 10 हजार मीट्रिक टन सप्लाई हो चुकी है.
आज की तारीख में पूरे राजस्थान में 1 लाख 19 हजार मीट्रिक टन यूरिया स्टॉक में मौजूद है. यह आंकड़े बताते हैं कि सरकार किसानों की जरूरतों को पहले से ज्यादा पूरा कर रही है. वागड़ और मेवाड़ इलाकों में तो मांग से कहीं ज्यादा सप्लाई की गई है. इससे किसानों को बुआई में कोई दिक्कत नहीं आएगी.
बांसवाड़ा और डूंगरपुर में अतिरिक्त सप्लाई
बांसवाड़ा जिले में अक्टूबर से दिसंबर तक 31 हजार 900 मीट्रिक टन यूरिया की मांग थी. लेकिन सरकार ने 42 हजार 763 मीट्रिक टन भेजा जो मांग से 34 प्रतिशत ज्यादा है. यहां अभी 4 हजार 589 मीट्रिक टन स्टॉक बाकी है. इसी तरह डूंगरपुर में मांग 6 हजार 700 मीट्रिक टन थी जबकि 8 हजार 65 मीट्रिक टन सप्लाई की गई. यह 20 प्रतिशत अतिरिक्त है और जिले में 432 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है.
उदयपुर राजसमंद और चित्तौड़गढ़ में भी भरपूर स्टॉक
उदयपुर में मांग 21 हजार मीट्रिक टन थी लेकिन 28 हजार 332 मीट्रिक टन यूरिया पहुंचाया गया जो 35 प्रतिशत ज्यादा है. यहां 2 हजार 169 मीट्रिक टन स्टॉक है. राजसमंद जिले की मांग 6 हजार 600 मीट्रिक टन थी जबकि 9 हजार 222 मीट्रिक टन सप्लाई हुई यानी 40 प्रतिशत अतिरिक्त.
जिले में 810 मीट्रिक टन उपलब्ध है. चित्तौड़गढ़ में 55 हजार 976 मीट्रिक टन यूरिया भेजा गया जो मांग से 28 प्रतिशत ज्यादा है. यहां 4 हजार 888 मीट्रिक टन स्टॉक में है.
भीलवाड़ा सहित पूरे क्षेत्र में सतर्कता
भीलवाड़ा में भी मांग से 22 प्रतिशत ज्यादा यूरिया सप्लाई किया गया और अभी 4 हजार 191 मीट्रिक टन उपलब्ध है. मंत्री ने कहा कि पूरे वागड़-मेवाड़ क्षेत्र में यूरिया की कमी नहीं है. विभाग के अधिकारी पूरी सतर्कता से वितरण कर रहे हैं. यह कदम किसानों को मजबूत बनाएंगे और कृषि उत्पादन बढ़ाएंगे.
यह भी पढ़ें- रणथंभौर में त्रिनेत्र गणेश मार्ग पर बाघिन सुल्ताना की दहशत, चहलक़दमी से श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित