Rajasthan SIR Update: राजस्थान में मतदाता सूची की SIR प्रक्रिया के लिए डिजिटलाइजेशन का काम शनिवार को शत प्रतिशत पूरा हो गया है. इसी साथ राजस्थान देश में पहला राज्य बन गया, जहां पर शत प्रतिशत डिजिटलाइजेशन का काम हो चुका है. SIR के डिजिटलाइजेशन का काम पूरा होने के साथ राजस्थान में 58 लाख 21 हजार 462 मतदाताओं के नाम पर मतदाता सूची से कटने का खतरा मंडराने लगा है. जानकारी के मुताबिक, क्रमश: जयपुर, जोधपुर और कोटा जिले में सबसे अधिक अनमैप और अनकलेक्टेड मतदाता हैं, जिनके नाम मतदाता सूची में जुड़े रहने पर संशय के बादल छा गए हैं.
पूरे राज्य में घर-घर सर्वे पूरा
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवीन महाजन ने बताया कि शनिवार को पूरे राज्य का घर-घर सर्वे पूरा हो गया है. हमारे 52,222 बीएलओ द्वारा सभी एन्यूमरेशन फॉर्म डिजिटल रूप से ईसीआईनेट पोर्टल पर अपलोड किए जा चुके हैं. 4.88 करोड़ (97%) मतदाताओं का डेटा पहले ही 2002 की सूची से मेल खा गया है, इसलिए उन्हें किसी दस्तावेज़ की जरूरत नहीं होगी.
15 लाख वोटर्स का 2002 की SIR से नहीं हो सका मिलान
वहीं, एसआईआर के आंकड़ों के मुताबिक 15,11,540 वोटर्स को 2002 की एसआईआर सूची से मिलान नहीं किया जा सका है. जबकि, 43,09,922 मतदाता ऐसे पाए गए जो या तो मृत हैं, स्थायी रूप से अन्य स्थान पर शिफ्ट हो चुके हैं या सर्वे के दौरान अनुपस्थित थे. रिपोर्ट में इन्हें अनकलेक्टेड एन्यूमरेशन फॉर्म्स की श्रेणी में रखा गया है. राज्य की वर्तमान मतदाता सूची में कुल 5,46,56,215 मतदाता शामिल हैं. इन सभी को सर्वे के तहत एन्यूमरेशन फॉर्म जारी किए गए और शनिवार तक यह सभी पोर्टल पर अपलोड कर दिए गए.
साथ ही यह भी देखा गया कि सर्वे के दौरान जिनका डेटा नहीं मिला, वे ‘अनकलेक्टेड' श्रेणी में हैं या नहीं. जिनकी मृत्यु हो चुकी है, जो स्थाई रूप से कहीं और चले गए हैं या जिनके नाम डुप्लीकेट मिले हैं, उनके नाम सूची से हटाए जाएंगे. वहीं, जिनका डेटा मैप नहीं हो सका, उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा और दस्तावेज़ों के जरिए अपनी योग्यता साबित करनी होगी.
जयपुर में सबसे ज्यादा अनमैप-अनकलेक्टेड मतदाता
रिपोर्ट के मुताबिक, जयपुर में सबसे ज्यादा लगभग 3 लाख 53 हजार मतदाता अनमैप और 5 लाख 80 हजार मतदाता अनकलेक्टेड हैं. इसके बाद जोधपुर में लगभग कुल 3 लाख 57 हजार मतदाता अनकलेक्टेड और अनमैप हैं. फिर कोटा में लगभग 2 लाख 23 हजार, बीकानेर में लगभग 1 लाख 96 हजार, पाली में करीब 1 लाख 87 हजार मतदाता ऐसे हैं, जिनके मतदान सूची में नाम जुड़ने में संशय बना हुआ है.
राजस्थान में 52,222 से अधिक मतदान केंद्रों पर एसआईआर हुआ है. प्रदेश उन 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में शामिल है जहाँ 4 नवंबर को एसआईआर की प्रक्रिया शुरू हुई थी. निर्वाचन आयोग द्वारा 30 नवंबर को घर-घर सर्वे अवधि एक हफ्ते बढ़ाने के बाद अब पहली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 16 दिसंबर को प्रकाशित की जाएगी. यह आंकड़े राज्य की 200 विधानसभा क्षेत्रों में से 199 सीटों के हैं. बारां जिले की अंता विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव के कारण एसआईआर प्रक्रिया 2 दिसंबर से शुरू हुई, इसलिए वहाँ का डेटा अभी उपलब्ध नहीं है.
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