Rajasthan News: राजस्थान में सवाई माधोपुर के टोडरा गांव में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. एक 20 वर्षीय युवती राधा गुर्जर ने अपनी जान की परवाह किए बिना अपने 15 वर्षीय भाई राज गुर्जर को एक खूंखार तेंदुए के जबड़ों से सुरक्षित बाहर निकाल लिया. जानकारी के अनुसार, गर्मी और बिजली कटौती के कारण बद्रीलाल गुर्जर का परिवार मकान की छत पर सो रहा था.
रात करीब एक बजे रणथंभौर की फलौदी रेंज से आया एक तेंदुए चुपके से छत पर चढ़ गया. तेंदुए ने सोते हुए राज गुर्जर को तकिए सहित दबोच लिया और उसे घसीटते हुए ले जाने लगा. भाई की चीख सुनकर बगल में सो रही बहन राधा की नींद खुली. अपने भाई को मौत के साए में देखकर राधा ने डरने के बजाय तेंदुए से मुकाबला किया.
मौत और जिंदगी के बीच खींचातानी
राधा ने तुरंत दौड़कर अपने भाई के पैर पकड़ लिए और उसे पूरी ताकत से अपनी तरफ खींचना शुरू किया. यह मुकाबला कुछ पलों तक चला. बहन की हिम्मत और आसपास के लोगों के शोर-शराबे से घबराकर तेंदुए राज को छोड़कर जंगल की तरफ भाग निकला. राज के सिर और कनपटी पर तेंदुए के दांतों से गहरे घाव हुए हैं, जिसका उपचार जारी है.
ग्रामीणों में भारी आक्रोश
इस घटना के बाद टोडरा गांव के लोगों ने वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी की. उनका आरोप है कि पिछले दो महीनों में तेंदुए के मूवमेंट की 30 से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं. आए दिन मवेशियों का शिकार हो रहा है, लेकिन विभाग ने अब तक कोई ठोस सुरक्षा इंतजाम नहीं किए हैं. ग्रामीण अब गांव में तेंदुए को पकड़ने और स्थायी निगरानी की मांग कर रहे हैं.
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