Rajasthan News: राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सवाई मान सिंह अस्पताल में आज से पॉइजन डिटेक्शन और ड्रग लेवल लैब की शुरुआत हो गई है. इस नई सुविधा से गंभीर मरीजों के इलाज में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है. लैब का उद्घाटन एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ दीपक माहेश्वरी और अस्पताल अधीक्षक डॉ मृणाल जोशी ने किया.
अब बिना देरी पता चलेगा जहर का कारण
नई पॉइजन डिटेक्शन लैब की मदद से अब यह तुरंत पता लगाया जा सकेगा कि मरीज ने कौन सा जहरीला पदार्थ लिया है. चाहे मामला जहर सेवन का हो जहरीले जानवर के काटने का हो या दवाइयों की अधिक मात्रा लेने का कारण अब देर से सामने नहीं आएगा. इससे डॉक्टर समय पर सही इलाज शुरू कर सकेंगे.
गंभीर मरीजों को मिलेगा सीधा फायदा
फॉरेंसिक मेडिसिन एंड टेक्नोलॉजी विभाग के डॉ डीके शर्मा ने बताया कि यह लैब वर्ष 2023–24 की बजट घोषणाओं के तहत तैयार की गई है. लैब शुरू होने से इमरजेंसी में आने वाले गंभीर मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा और इलाज ज्यादा सटीक हो पाएगा.
खून पेशाब या उल्टी से होगी जांच
जांच के लिए मरीज के खून पेशाब या उल्टी में से किसी एक सैंपल को लिया जाएगा. कम समय में ही यह स्पष्ट हो जाएगा कि मरीज ने किस पदार्थ का कितना सेवन किया है. इससे डॉक्टरों को दवा की सही मात्रा तय करने में भी मदद मिलेगी.
प्रदेश का पहला एचएस अस्पताल बना एसएमएस
एसएमएस अस्पताल राजस्थान का पहला ऐसा एचएस अस्पताल बन गया है जहां इस तरह की आधुनिक पॉइजन डिटेक्शन लैब शुरू की गई है. यह सुविधा प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.
यह भी पढ़ें- राजस्थान के बहुचर्चित एकल पट्टा मामले की जांच करेगी ACB, कोर्ट ने दी अग्रिम जांच की अनुमति