Rajasthan SOG Raid News: राजस्थान की SOG टीम ने पीटीआई भर्ती परीक्षा-2022 को लेकर बुधवार शाम को MP की श्री सत्य साईं यूनिवर्सिटी (Sri Sathya Sai University) में अचानक छापेमारी की कार्रवाई की. टीम ने रात 11 बजे तक डॉक्यूमेंट्स की जांच की. जहां से 67 डिग्रियों के डॉक्यूमेंट्स जब्त किए. इसके अलावा बताया जा रहा है कि टीम ने यूनिवर्सिटी से हार्ड डिस्क और डॉक्यूमेंट्स भी अपने कब्जे में लिए हैं.
बैक डेट में तैयार की गई थीं डिग्रियां
जांच में सामने आया है कि राजस्थान की पीटीआई भर्ती परीक्षा-2022 में शामिल अभ्यर्थियों ने इन 67 फर्जी डिग्रियों का इस्तेमाल किया था. श्री सत्य साईं यूनिवर्सिटी ने नियमों को ताक पर रखकर ये बीपीएड (B.P.Ed) डिग्रियां और मार्कशीट बैक डेट में तैयार की थीं, जिन्हें अभ्यर्थियों ने PTI भर्ती में जमा कराया. जब राजस्थान सरकार ने इन दस्तावेजों का मिलान किया, तो यूनिवर्सिटी द्वारा दिए गए रिकॉर्ड और वास्तविक दस्तावेजों में भारी खामियां पाई गईं. बार-बार नोटिस देने के बावजूद जब यूनिवर्सिटी ने सही रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया, तो मजबूरन एसओजी को यह छापामार कार्रवाई करनी पड़ी.

यूनिवर्सिटी के ठिकानों पर अधिकारियों की जांच पड़ताल
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SOG ने घेरा यूनिवर्सिटी से लेकर CA का ठिकाना
इस बड़ी कार्रवाई की जानकारी देते हुए एसओजी के डीआईजी परिस देशमुख ने बताया कि फर्जी डिग्री मामले में जयपुर में पांच अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं. उन्होंने जानकारी दी की छापेमारी से पहले यूनिवर्सिटी प्रबंधन को औपचारिक नोटिस भेजकर संबंधित डिग्रियों के दस्तावेज मांगे गए थे, लेकिन प्रबंधन ने सहयोग करने के बजाय जानकारी छिपाए रखी. इसके बाद एसओजी ने जयपुर कोर्ट से सर्च वारंट हासिल किया और बुधवार को कार्रवाई को अंजाम दिया.
सीहोर और भोपाल में की गई छापेमारी
डीआईजी देशमुख के अनुसार, इस ऑपरेशन के लिए करीब 40 सदस्यीय विशेष टीम को मध्य प्रदेश भेजा गया था. स्थानीय पुलिस के सहयोग से एसओजी ने खुद को चार अलग-अलग समूहों में बांटा और एक साथ कई ठिकानों पर धावा बोला. इस दौरान सीहोर स्थित यूनिवर्सिटी कैंपस, भोपाल की अरेरा कॉलोनी में कपूर हाउस, यूनिवर्सिटी प्रबंधन के सीए के घर और गांधी नगर स्थित आरकेडीए संस्थानों पर सघन तलाशी ली गई और महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए गए.
165 से ज्यादा अभ्यर्थियों रेडार पर
एसओजी ने पीटीआई भर्ती परीक्षा-2022 में फर्जी डिग्री घोटाले में अब तक 165 से ज्यादा अभ्यर्थियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज हुआ है. आरोपियों ने कथित रूप से फर्जी बीपीएड डिग्रियां हासिल कर भर्ती प्रक्रिया में नौकरी पाई थी. एसओजी की जांच में यह पता चला कि अधिकांश अभ्यर्थी कॉलेज ही नहीं गए और डिग्रियां खरीद कर नौकरी प्राप्त कर ली.
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