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6 नंबर वाला बना टॉपर! OMR घोटाले पर गहलोत का 'लेटर बम', बोले- दागी स्टाफ ने ही ली 35 लाख युवाओं की परीक्षा

Ashok Gehlot on OMR Scam: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड में हुए ओएमआर (OMR) शीट घोटाले को लेकर भजनलाल सरकार पर तीखा हमला बोला है.

6 नंबर वाला बना टॉपर! OMR घोटाले पर गहलोत का 'लेटर बम', बोले- दागी स्टाफ ने ही ली 35 लाख युवाओं की परीक्षा
'OMR शीट बदलने वाले दागी अफसरों ने ही ली पिछले 2 साल की परीक्षाएं', गहलोत ने CM से कर दी 15 भर्तियों की जांच की मांग (फाइल फोटो)

Rajasthan News: राजस्थान में ओएमआर (OMR) शीट बदलने के खुलासे के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने भजनलाल सरकार (Bhajanlal Govt) की घेराबंदी तेज कर दी है. गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर गुरुवार को एक लंबा पोस्ट लिखकर दावा किया कि जो कर्मचारी ओएमआर शीट बदलने के खेल में पकड़े गए हैं, वही 2024 और 2025 की परीक्षाओं के दौरान भी बोर्ड में तैनात थे. ऐसे में पिछले दो सालों की तमाम बड़ी परीक्षाओं की निष्पक्षता अब गहरे संदेह के घेरे में है.

'35 लाख युवाओं के भविष्य के साथ हुआ खिलवाड़?'

गहलोत ने उन सभी प्रमुख परीक्षाओं की सूची गिनाई जो पिछले दो वर्षों में संपन्न हुई हैं. इनमें CET (स्नातक व सीनियर सेकंडरी), पशु परिचर, कनिष्ठ लेखाकार (Junior Accountant), LDC, पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी (VDO) और संगणक जैसी बड़ी भर्तियां शामिल हैं. गहलोत का तर्क है कि इन परीक्षाओं में 35 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे. असामान्य रूप से हाई जा रही कट-ऑफ (Cut-off) ने युवाओं के मन में पहले ही शंका पैदा कर दी थी, जो अब ओएमआर घोटाले के बाद सच साबित होती दिख रही है.

भजनलाल सरकार पर राजनीति का आरोप

अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार इस मुद्दे को न्याय के बजाय राजनीति का माध्यम बना रही है. उन्होंने कहा, 'भाजपा सरकार केवल कांग्रेस शासन की परीक्षाओं को निशाना बना रही है, जबकि 2024-25 में भी वही दागी स्टाफ सक्रिय था. मुख्यमंत्री को चाहिए कि वे पिछले दो साल की हर परीक्षा की गहराई से जांच कराएं.'

'जीरो' नंबर पाने वाले बन गए 'हीरो'

बताते चलें कि एसओजी (SOG) की जांच में उस गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जिसने साल 2018 की प्रयोगशाला सहायक, कृषि पर्यवेक्षक और महिला सुपरवाइजर जैसी भर्तियों में अंकों का ऐसा 'जादू' किया कि फेल होने वाले अभ्यर्थी टॉपर बन गए. एसओजी के एडीजी विशाल बंसल के अनुसार, परीक्षा 2019 में हुई थी. जांच में सामने आया कि ओएमआर स्कैनिंग के दौरान कंप्यूटर में वास्तविक डेटा के साथ छेड़छाड़ की गई. जांच में सामने आया कि महज 6 नंबर पाने वाले अभ्यर्थी के नंबर बढ़ाकर 259 कर दिए गए. 2 नंबर वाले को 225 और 30 नंबर वाले को 185 अंक देकर सीधे मेरिट लिस्ट में घुसा दिया गया. आरोपियों ने सिर्फ नंबर नहीं बढ़ाए, बल्कि 38 अभ्यर्थियों की मूल ओएमआर शीट ही बदल दी.

लखनऊ STF की मुस्तैदी से खुला राज

इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के फर्जीवाड़े की पहली कड़ी राजस्थान में नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में खुली. लखनऊ एसटीएफ (STF) ने 60 लाख रुपये नकद लेकर जा रहे आरोपियों को बीच रास्ते दबोच लिया था. इसके बाद जनवरी 2025 में राजस्थान एसओजी ने एफआईआर दर्ज कर बोर्ड के टेक्निकल हेड संजय माथुर और प्रोग्रामर प्रदीप गंगवाल सहित 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया. अब जांच का दायरा बढ़ रहा है और फर्जी तरीके से नौकरी पाने वाले अभ्यर्थी एसओजी की रडार पर हैं.

RSSB के टेक्निकल हेड समेत 5 गिरफ्तार

इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. राघव लिमिटेड कंपनी के कर्मचारी विनोद कुमार गौड़ और शदान खान को दबोचा गया है. इसके साथ ही राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के टेक्निकल हेड संजय माथुर, प्रोग्रामर प्रदीप गंगवाल और एक अभ्यर्थी पूनम को भी गिरफ्तार किया गया है. एसओजी की जांच में सामने आया है कि साल 2018 में हुई आंगनवाड़ी महिला सुपरवाइजर भर्ती परीक्षा के दौरान राघव लिमिटेड कंपनी को OMR स्कैनिंग की जिम्मेदारी दी गई थी. इसी प्रक्रिया में आरोपियों ने बड़े स्तर पर धांधली की.

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