राजस्थान में एसओजी ने डमी कैंडिडेट के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई की है. पटवार भर्ती परीक्षा 2021 में डमी कैंडिडेट बनकर परीक्षा देने वाली महिला को एसओजी ने गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार महिला चुंकी बाई उर्फ समी सुमिता पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित था. आरोपी महिला पिछले करीब 18 महीने से फरार चल रही थी और गिरफ्तारी से बचने के लिए डूंगरपुर सहित अलग-अलग स्थानों पर ठिकाने बदल रही थी.
परीक्षा में बैठने के लिए दिए 5 लाख
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि मामले में एसओजी कार्यालय को गोपनीय शिकायत मिली थी. जांच के बाद साल 2024 में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई. जिसमें खुलासा हुआ कि मूल अभ्यर्थी की जगह डमी कैंडिडेट ने परीक्षा देकर पटवार के पद नियुक्ति दिलवाई. एसओजी की जांच में सामने आया कि डमी अभ्यर्थी को परीक्षा देने के लिए 5 लाख रुपये दिए गए थे.
फर्जीवाड़ा करके पटवार के पद पाई नियुक्ति
जांच में सामने आया कि मूल अभ्यर्थी चुंकी बाई ने मूल अभ्यर्थी की फोटो हटाकर डमी अभ्यर्थी की फोटो लगाई गई और फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए 23 अक्टूबर 2021 को जयपुर स्थित परीक्षा केंद्र पर परीक्षा में बैठी. इसके बदले पांच लाख रुपये दिए गए थे.
परीक्षा के बाद मूल अभ्यर्थी का चयन हुआ और उसकी नियुक्ति पटवार हल्का इंदू, कुकड़, सूरतगढ़ में कर दी गई. एसओजी की जांच के दौरान आरोपी महिला फरार हो गई थी. उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था. अब जालोर जिले के सरवाना थाना डूडसरा निवासी चुंकी बाई पत्नी गोमाराम (41) को गिरफ्तार कर लिया गया.
चुंकी अभी पटवारी के पद पर उपखंड कार्यालय पहाड़ी, जिला डीग में नियुक्त थी. मामले में अब तक डमी अभ्यर्थियों सहित कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और प्रकरण में आगे की जांच जारी है.
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