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This Article is From Sep 23, 2024

उदयपुर में मदरसे के लिए भूमि आवंटन पर बवाल, बाद में रद्द करने के लिए कलेक्टर ने की सिफारिश

मावली के एसडीएम मनसुखराम ने 21 सितंबर को उदयपुर जिला कलेक्टर को एक रिपोर्ट भेजी, जिसमें भूमि के विवादास्पद होने और उस पर पानी जमा होने सहित कई आधारों पर भूमि के आवंटन को रद्द करने की सिफारिश की गई है.

उदयपुर में मदरसे के लिए भूमि आवंटन पर बवाल, बाद में रद्द करने के लिए कलेक्टर ने की सिफारिश

Rajsthan News: राजस्थान के उदयपुर में मदरसे के लिए भूमि आवंटन को लेकर खूब बवाल किया गया. भूमि आवंटन करने के खिलाफ जिले में हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया. वहीं जिले के बस स्टैंड में लोगों का जमावड़ा लगा. इसके बाद SDM को आवंटन रद्द करने के लिए ज्ञापन सौंप किया. वहीं जिला कलेक्टर ने मावली कस्बे में मदरसे के लिए आवंटित भूमि को उपखंड अधिकारी (एसडीएम) की रिपोर्ट के आधार पर रद्द करने की अनुशंसा करते हुए राजस्व विभाग को पत्र लिखा है.

यह भूमि कांग्रेस की पूर्व सरकार के दौरान 2022 में उदयपुर कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के तहत मावली में मदरसा इस्लामिया गौसिया अंजुमन को आवंटित की गई थी. इस भूमि के आवंटन को लेकर हिंदू संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था. हिंदू संगठनों ने इस भूमि का आवंटन रद्द करने की मांग की थी.

विवादास्पद भूमि होने के कारण रद्द करने की सिफारिश

मावली के एसडीएम मनसुखराम ने 21 सितंबर को उदयपुर जिला कलेक्टर को एक रिपोर्ट भेजी, जिसमें भूमि के विवादास्पद होने और उस पर पानी जमा होने सहित कई आधारों पर भूमि के आवंटन को रद्द करने की सिफारिश की गई है. रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर ने सोमवार को राजस्व विभाग को पत्र लिखकर भूमि का आवंटन रद्द करने की मांग की. उपखंड अधिकारी ने दो दिन पहले ही जिला कलेक्टर को भूमि आवंटन रद्द करने की अनुशंसा भेजी थी. उदयपुर कलेक्टर अरविंद पोसवाल ने बताया कि उपखंड अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर राजस्व विभाग को पत्र लिखा गया है, जिसमें जमीन के आवंटन को निरस्त करने के कारण बताए गए हैं.

रिपोर्ट में उपखंड अधिकारी ने बताया है कि जमीन विवादित रही है और इसे लेकर सांप्रदायिक विवाद भी रहे हैं तथा जिस क्षेत्र में जमीन है, वहां हिंदू परिवारों की आबादी ज्यादा है. उन्होंने यह भी बताया कि जमीन पर पानी जमा है और ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है. हिंदू संगठनों द्वारा कई बार ज्ञापन देकर मांग करने के बाद कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम ने रिपोर्ट तैयार की है.

बीजेपी नेता भी भूमि आवंटन के खिलाफ

स्थानीय भाजपा नेता राजेश चपलोत ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की पूर्व सरकार ने तहसीलदार की रिपोर्ट पर विचार किए बिना ही मदरसे के लिए भूमि आवंटित कर दी थी तथा तत्कालीन जिला कलेक्टर ने कांग्रेस सरकार के दबाव में जमीन आवंटित की थी. उन्होंने कहा कि हिंदू बहुल इलाके में मदरसे को जमीन आवंटित किए जाने पर हिंदू समुदाय में नाराजगी है.

मावली में सोमवार को हुए प्रदर्शन में चित्तौड़गढ़ के सांसद और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी भी शामिल हुए. उन्होंने कहा, 'मैं सरकार को धन्यवाद देना चाहता हूं कि जमीन का आवंटन रद्द करने का प्रस्ताव आगे बढ़ाया गया है. जमीन का आवंटन निश्चित रूप से रद्द किया जाएगा.'

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