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साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत पर अनुयायियों ने की निष्पक्ष जांच की मांग, पैतृक गांव में समाधि दी

कथा वाचक प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद उनकी पार्थिव देह को कल पैतृक गांव ले जाय गया, जहां शुक्रवार को शुभ मुहूर्त में उन्हें साधु-संतों और हजारों की संख्या में उनके अनुयायियों की मौजूदगी में समाधि दी गई.

साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत पर अनुयायियों ने की निष्पक्ष जांच की मांग, पैतृक गांव में समाधि दी
जोधपुर की चर्चित बाल साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत ने प्रदेश में हलचल मचा दी है.

Kathawachak Sadhvi Prem Baisa: कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की तीन पहले हुई संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर है.आज हजारों की संख्या में उनके अनुयायियों ने नम आंखों से अंतिम विदाई देकर उनके पैतृक गांव में समाधि दी गई. अंतिम दर्शन करने के लिए पश्चिमी राजस्थान भर से पहुंचे उनके अनुभव ने कहा कि जैसे ही उनके मौत की खबर सनी उसके बाद से ही सदमे में है हमने कई बार कथा का श्रवण किया और वो सनातन धर्म के लिए दिन रात काम कर लोगों प्रवचन देते हैं. 

कोलू मठ के महंत जेठनाथ ने बताया प्रेम बाईसा को आज उनके पैतृक गांव पर स्थित शिव शक्ति धाम आश्रम में समाधि दी गई है और सोमवार को विधि विधान के साथ समाधि का पूजन कार्यक्रम होगा. उनके अनुयायियों का कहना है कि हमारा उनसे आत्मीयता से लगाव था जब से उनकी मौत की खबर उसके बाद से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर हैं. और उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि उनके मौत के कर्म का खुलासा हो सके और जो भी इसमें दोषी है उनके खिलाफ सख्त कानूनी होनी चाहिए.

अनुयायियों की मौजूदगी में समाधि दी गई

कथा वाचक प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद उनकी पार्थिव देह को कल पैतृक गांव ले जाय गया, जहां शुक्रवार को शुभ मुहूर्त में उन्हें साधु-संतों और हजारों की संख्या में उनके अनुयायियों की मौजूदगी में समाधि दी गई. साध्वी प्रेम बाईसा के पिता व गुरु विरमानाथ ने बताया कि 27 जनवरी को अजमेर से कथा करके जोधपुर आश्रम लौटे थे. उन्हें मामूली जुकाम और गले में खराश थी, जिस कारण उन्होंने डॉक्टर से सर्दी-जुकाम की दवाई लेने की इच्छा जताई थी. इसके बाद पास के ही जान-पहचान वाले कंपाउंडर को शाम के समय आश्रम बुलाया गया.

''जैसे ही इंजेक्शन दिया गया, तबीयत खराब हो गई''

जैसे ही इंजेक्शन दिया गया, उनकी तबीयत खराब हो गई. वे उठकर आश्रम के गेट तक भागकर पहुंची ही थीं कि तभी अचानक नीचे गिर पड़ीं. इसके बाद तुरंत उन्हें गाड़ी में डालकर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इसके बाद मैंने पुलिस को इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी देकर रिपोर्ट दी है. मेरी पुलिस प्रशासन से मांग है कि इस पूरे मामले की जांच करके सच्चाई का खुलासा किया जाए.

''अब यह पूरा मामला संदिग्ध बन गया है''

वीरमनाथ का कहना है कि जैसे ही उनकी तबीयत बिगड़ी, तो उन्होंने वापस कंपाउंडर को कॉल करके पूछा कि ऐसा जहरीला इंजेक्शन कैसे दिया. उस समय वह ठीक से बोल भी नहीं पा रहा था. लेकिन उसने कहा कि आप तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचें, मैं आगे व्यवस्था करवाता हूं. इस पूरे घटनाक्रम को लेकर हमने पूरी जानकारी दी है. हालांकि अब यह पूरा मामला संदिग्ध बन गया है. 

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