
Rajasthan News: राजस्थान में शेखावाटी क्षेत्र की ऐतिहासिक हवेलियों के संरक्षण को लेकर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी की अध्यक्षता में एक अहम बैठक आयोजित की गई. बैठक में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीकर, झुंझुनूं और चूरू जिलों में मौजूद हवेलियों का सर्वे करवाकर डिजिटलाइजेशन किया जाए. इसके लिए पटवारियों के माध्यम से विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी.
विरासत संरक्षण बॉयलॉज होंगे अपडेट
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि शेखावाटी की हवेलियों के संरक्षण के लिए विरासत संरक्षण बॉयलॉज को अपडेट करने की आवश्यकता है. इस दिशा में चरणबद्ध कार्ययोजना बनाई जाएगी ताकि ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित किया जा सके.
रामगढ़ को बनाया जाएगा मॉडल
उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सीकर के रामगढ़ कस्बे को हवेलियों के संरक्षण के लिए एक मॉडल के रूप में विकसित किया जाए. इसके तहत सीकर कलेक्टर और क्षेत्र में कार्यरत विशेषज्ञों की टीम मौके का दौरा कर लोकल स्तर पर अध्ययन करेगी और सुधारात्मक कदम उठाएगी.
शेखावाटी की पहचान बचाने की पहल
उन्होंने कहा कि शेखावाटी क्षेत्र की हवेलियां राजस्थान की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर हैं, जिनका संरक्षण बेहद जरूरी है. रामगढ़ को एक सफल मॉडल के रूप में विकसित करने के बाद, शेखावाटी के अन्य इलाकों में भी इसी तरह की योजना को लागू किया जाएगा.
क्या है महत्व?
शेखावाटी की हवेलियां अपनी अनूठी वास्तुकला और भित्ति चित्रों (फ्रेस्को पेंटिंग्स) के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं. लेकिन समय के साथ देखभाल की कमी और शहरीकरण के कारण कई हवेलियों की हालत बिगड़ती जा रही है. इस पहल से इन ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित कर पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा.