Sanwaliyaji Mandir Temple: होली पर डेढ़ महीने बाद 2 मार्च फाल्गुन शुक्ल चतुर्दशी को मेवाड़ के मशहूर कृष्णधाम श्री सांवलियाजी मंढपिया का दानपात्र कड़ी सुरक्षा और पारदर्शिता के बीच खोला गया और दानपात्र से निकाली गई रकम की गिनती जारी है. आज सोमवार को गिनती का पांचवां चरण चल रहा है. 2 मार्च को मंदिर बोर्ड की CEO प्रभा गौतम, मंदिर बोर्ड के अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव और अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में विशेष आरती और भोग के बाद भंडार खोला गया. 2 मार्च को गिनती के पहले चरण में 10 करोड़ 65 लाख रुपये के दान की गिनती हुई थी.
चार राउंड की गिनती में 29 करोड़ 8 लाख 10 हजार रुपये
5 मार्च को दूसरे फेज में 7 करोड़ 25 लाख 80 हजार रुपये, 6 मार्च को तीसरे फेज में 2 करोड़ 61 लाख 75 हजार रुपये और 7 मार्च को चौथे फेज में 8 करोड़ 55 लाख 55 हजार रुपये गिने गए. अब तक चार राउंड की गिनती में 29 करोड़ 8 लाख 10 हजार रुपये के दान की गिनती हो चुकी है. बाकी रकम की गिनती अभी भी जारी है.
नोटों की गिनती अभी भी जारी
मंदिर प्रशासन का कहना है कि भक्तों की श्रद्धा इतनी अटूट है कि नोटों का भंडार अभी और बड़ा हो सकता है. होली पर डेढ़ माह बाद खोले भंडार से इस बार फिर रिकॉर्ड तोड़ चढ़ावा निकलने की संभावना हैं. बता दें कि गत साल होली पर डेढ़ माह बाद खोले भंडार से 36 करोड़ रुपए से अधिक की दानराशि चढ़ावें में आयी थी. इसके साथ ही दो क्विंटल से अधिक चांदी और करीब एक किलो सोना चढ़ावे में आया था. इस बार माना जा रहा कि यह रिकॉर्ड फिर टूट जाएगा.
रिकॉर्ड तोड़ चढ़ावा आएगा
आज पांचवें चरण की गिनती जारी हैं और अभी तक भण्डार के अलावा ऑनलाइन, मनी ऑर्डर, कार्यालय में आने वाली दानराशि राशि की गिनती समेत सोना-चांदी और विदेशी मुद्राओं की गिनती होना बाकी हैं. ऐसे में माना जा रहा कि इस बार होली पर डेढ़ माह बाद खोले भंडार से फिर रिकॉर्ड तोड़ चढ़ावा आएगा. दिनों दिन बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता हैं कि यहां का मासिक भंडार करीब 29 करोड़ तक पहुंच गया हैं.वही भंडार में 6 से अधिक देशों की विदेशी करेंसी भी चढ़ावे में प्राप्त हो रही हैं.
श्रद्धालुओं के लिए कई नए प्रोजेक्ट शुरू
वही मंदिर मण्डल प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं के लिए कई नए प्रोजेक्ट शुरू किए हैं. श्रद्धालुओं को कोई परेशानी ना हो इसका भी विशेष ध्यान रखा जा रहा हैं. श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए एक धर्मशाला और एक भोजनशाला बनकर तैयार हैं और जल्दी ही संचालित की जाएगा.
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