
पूरे देश में आज करवा चौथ की थूम है. करवा चौथ पर सुहागनें अपनी सुहाग की सलामती के लिए निर्जला व्रत रखती है. यह त्यौहार आज देश व प्रदेश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. वहीं, शहीद और वीरों की भूमि राजस्थान के शेखावाटी में भी करवा चौथ का व्रत सुहागिनों के साथ शहीद वीरांगनाएं भी रखती है. शहीदों की वीरांगनाएं सुहागन महिलाओं की तरह करवा चौथ पर अपनी शहीद पति के लिए व्रत रखती है और उनकी तस्वीर देखकर बाकी की सभी रस्में निभाती है.
रिपोर्ट के मुताबिक शहीदों की वीरांगनाएं सुहागन महिलाओं की तरह करवा चौथ पर अपनी शहीद पति के लिए व्रत रखती है और उनकी तस्वीर देखकर बाकी की सभी रस्में निभाती है. ईश्वर से अपने पति की सुख शांति और अगले जन्म के लिए भी उन्हें ही पति के रूप में मांगती है.
24 साल से ऐसे ही मना रहीं करवा चौथ का व्रत
शहीद वीरांगना संतोष देवी पिछले करीब 24 वर्षों से करवा चौथ का वर्ष कर रही है. सीकर जिले की लक्ष्मणगढ़ तहसील के सिगडोला छोटा के कारगिल शहीद बनवारी लाल बगड़िया की शहीद वीरांगना संतोष देवी ने बताया कि उनके पति 15 मई 1999 को कारगिल युद्ध में शहीद हुए थे. पति के शहीद होने के बाद से ही लगातार करवा चौथ सहित सभी धार्मिक पर्व एक सुहागिन की तरह ही मनाती आ रही हैं.
गौरतलब है पारंपरिक रूप से हिंदू घरों की शादीशुदा महिलाएं ही करवा चौथ का निर्जला व्रत रखती है, लेकिन देश के कुछ हिस्सों में अब शादी से पहले यह व्रत रखने की परंपरा बढ़ी है. इस व्रत के दौरान शादीशुदा महिलाएं चांद निकलने के बाद पूजा करने के बाद अपना व्रत तोड़ती हैं.
ये भी पढ़ें- करवा चौथ स्पेशल 2023: इस करवा चौथ पर ऐसे बनाएं रील्स, वायरल होने की गारंटी!