छात्र नेता शुभम रेवाड़ ने पुलिस पर नजरबंद करने का आरोप लगाया है. छात्र का कहना है कि वो लोकतांत्रिक तरीके से राज्यपाल को ज्ञापन देना चाहते थे, लेकिन पुलिस तानाशाही कर रही है. रविवार (16 अगस्त) को राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागडे के डीडवाना में प्रस्तावित दौरे के मद्देजनर प्रशासन अलर्ट है. इसके चलते पुलिस देर रात को ही शुभम रेवाड़ के घर पर पहुंच गई और उन्हें अपने साथ थाने ले जाने का दबाव बनाया. जब शुभम ने थाने चलने से मना कर दिया तो पुलिस ने घर के बाहर ही डेरा डाल लिया. कल रात से ही डीडवाना पुलिस शुभम रेवाड़ के घर के पास ही डेरा डाले बैठी है. कई पुलिसकर्मी शुभम के घर के बाहर बैठे हुए हैं.
परिवार के सदस्यों को बाहर जाने से रोका- शुभम
छात्र नेता ने पुलिस पर उन्हें अलोकतांत्रिक तरीके से हाउस अरेस्ट करने का आरोप लगाया है. शुभम का कहना है कि वे प्रशासन से अनुमति लेकर राज्यपाल को अपनी मांगों का ज्ञापन देना चाहते थे. प्रशासन ने उन्हें अनुमति नहीं दी और अब उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया है. पुलिस ना तो उन्हें और उनके परिवार के किसी सदस्य को बाहर जाने दे रही है, ना ही किसी व्यक्ति को घर में आने दिया जा रहा है.
छात्र नेता ने राजस्थानी भाषा को मान्यता देने के लिए अनशन
शुभम रेवाड़ ने कहा कि उन्होंने पिछले दिनों जयपुर में कई दिनों तक अनशन किया. उनकी मांग है कि राजस्थानी भाषा को मान्यता मिले और राजस्थान में छात्र संघ चुनाव बहाल हो, इसे लेकर उन्होंने अनशन किया था. इसके बावजूद सरकार ने उनकी कोई सुनवाई नहीं की और अब सरकार के इशारे पर पुलिस प्रशासन उनकी आवाज को दबाने और उन्हें घर में ही नजरबंद करने में जुटा है.
पुलिस को इनपुट मिले, शुभम से समझाइश की- एसआई
पुलिस उप अधीक्षक जेठू सिंह ने शुभम रेवाड़ को नजरबंद करने के आरोप को निराधार बताया है. उन्होंने कहा, "राज्यपाल के दौरे को लेकर पुलिस सुरक्षा को लेकर सतर्क है. इसलिए पुलिस अलग-अलग क्षेत्र में गश्त कर रही है. इसी के मद्देनजर पुलिस को राज्यपाल के दौरे को लेकर विरोध के कुछ इनपुट मिले थे. पुलिस ने शुभम से कल रात समझाइश की थी."
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