Suspicious death of Sadhvi Prem Baisa: जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के मामले में इलाज करने वाले डॉक्टर के बयान से कई अहम बातें सामने आई हैं, लेकिन मौत की असली वजह को लेकर सस्पेंस अब भी बना हुआ है. प्रेक्षा हॉस्पिटल के मालिक और वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर प्रवीण जैन ने NDTV से बातचीत में बताया कि बुधवार शाम करीब छह बजे साध्वी प्रेम बाईसा को अस्पताल लाया गया था. उस समय उनकी हालत बेहद गंभीर थी. वह अचेत अवस्था में थीं. अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उन्हें बचाने की कोशिश शुरू की.

वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर प्रवीण जैन
डॉक्टर प्रवीण जैन के अनुसार, साध्वी प्रेम बाईसा को CPR के जरिए रिकवर करने का प्रयास किया गया. सभी जरूरी मेडिकल प्रोटोकॉल अपनाए गए, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका. डॉक्टर ने कहा कि अस्पताल लाने से पहले ही उनकी स्थिति बेहद नाजुक हो चुकी थी.
शरीर पर किसी भी तरह की बाहरी चोट के निशान नहीं थे
मौत को लेकर उठ रहे सवालों पर डॉक्टर ने कहा कि साध्वी के शरीर पर किसी भी तरह की बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए. उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल मौत की वजह बताना संभव नहीं है. असली कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा.

सबसे पहले इसी अस्पताल में प्रेम बाईसा को लाया गया था
जब डॉक्टर से यह सवाल किया गया कि क्या साध्वी को किसी तरह की जहरीली वस्तु दी गई थी तो डॉक्टर प्रवीण जैन ने कहा कि इस बारे में अभी कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी और बिना जांच रिपोर्ट के कुछ भी कहना सही नहीं है.
मामला पूरी तरह से पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिका हुआ है
निमोनिया को मौत की वजह मानने के सवाल पर भी डॉक्टर ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि मेडिकल जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत प्राकृतिक कारणों से हुई या इसके पीछे कोई और वजह है. फिलहाल साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का मामला पूरी तरह से पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिका हुआ है. रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि उनकी मौत किन परिस्थितियों में और किस कारण से हुई.
यह भी पढ़ें- साध्वी प्रेम बाईसा को दी भू-समाधि, जानें आखिर किन साधु-संतों को कैसे और क्यों दी जाती है ऐसी अंतिम विदाई