
रणथंभौर में बाघ के एक शावक का नामकरण पैरालंपिक पदक विजेता अवनी लेखरा के नाम पर किया गया है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को ट्वीट कर यह जानकारी दी. उन्होंने लिखा, "अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस को और ऐतिहासिक बनाने के लिए रणथंभौर की बाघिन टी-111 के दो वर्ष के हो चुके तीन शावकों (दो बाघ एवं एक बाघिन) का नामकरण ‘चिंरजीवी' ‘चिरायु' एवं ‘अवनी' किया गया है. "
सीएम गहलोत ने कहा, "2010 में राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक विजेता कृष्णा पूनिया के नाम पर बाघिन टी-17 का नामकरण कृष्णा किया गया था. इसी तरह अब पैरालंपिक पदक विजेता अवनी लेखरा के नाम पर शावक का नाम अवनी होगा."
अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस को और ऐतिहासिक बनाने के लिए रणथंभौर की बाघिन टी—111 के दो वर्ष के हो चुके तीन शावकों (दो बाघ एवं एक बाघिन) का नामकरण ‘चिंरजीवी' ‘चिरायु' एवं ‘अवनी' किया गया है। 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक विजेता श्रीमती कृष्णा पूनिया के नाम पर बाघिन टी-17 का… pic.twitter.com/HhPxb6mT0k
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) July 29, 2023
गहलोत ने कहा, "जब देश में बाघ विलुप्ति के कगार पर पहुंच गए थे, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने अप्रैल, 1973 में 'प्रोजेक्ट टाइगर' की शुरुआत की, जिससे देश में बाघों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है. पिछले एक माह में राजस्थान के रणथंभौर में छह शावकों ने जन्म लिया है. राजस्थान सरकार राज्य के वनों और वन्यजीवों को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है."
बाघ संरक्षण के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 29 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया जाता है.
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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)