बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चिंता जताया. उन्होंने सोशल मीडिया 'X' पर लिखा, "बांग्लादेश से हिंदू अल्पसंख्यकों के साथ बर्बरता की आ रही खबरें विचलित करने वाली हैं. महज 19 दिनों में 5 हिंदुओं की हत्या, और वहां महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार मानवता पर कलंक है."
"इतिहास और भूगोल दोनों बदल दी थीं"
इंदिरा गांधी की सरकार को याद करते हुए आगे लिखा, "1971 के उस दौर की यादें आज भी ताजा हैं, जब इंदिरा गांधी जी के नेतृत्व में भारत ने न केवल कूटनीतिक कड़ापन दिखाया था, बल्कि अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से इतिहास और भूगोल दोनों बदल दी थीं. उन्होंने अमेरिका जैसी महाशक्ति तक की परवाह नहीं की, जिसने भारत के खिलाफ अपना सातवां बेड़ा रवाना कर दिया था."
बांग्लादेश से आ रही हिंदू अल्पसंख्यकों के साथ बर्बरता की खबरें विचलित करने वाली हैं। महज 19 दिनों में 5 हिंदुओं की हत्या एवं वहां महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार मानवता पर कलंक हैं।
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) January 6, 2026
1971 के उस दौर की यादें आज भी ताजा हैं जब श्रीमती इंदिरा गांधी जी के नेतृत्व में भारत ने न केवल…
"भारत सरकार की कूटनीतिक विफलता"
उन्होंने लिखा, "यह भी चिंताजनक है कि ऐसा देश, जिसका निर्माण ही भारत ने किया था. वह भारत के खिलाफ हो गया है. यह भारत सरकार की कूटनीतिक विफलता है. केंद्र सरकार को 'गहरी चिंता' व्यक्त करने जैसे रस्मी बयानों से आगे बढ़कर ठोस कदम उठाने चाहिए. पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों के जीवन और मान-सम्मान की रक्षा करना हमारी नैतिक और कूटनीतिक जिम्मेदारी है."
"प्रधानमंत्री को हस्तक्षेप करना चाहिए"
गहलोत ने आगे लिखा, "इतिहास गवाह है कि मात्र खोखले नारों से नहीं, बल्कि निर्णायक नेतृत्व से ही निर्दोषों की जान बचाई जा सकती है. प्रधानमंत्री जी को इस मामले में हस्तक्षेप कर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार पर प्रभावी दबाव बनाना चाहिए."
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