Banswara News: बांसवाड़ा की कोतवाली थाना पुलिस की गिरफ्त में आए शातिर हिस्ट्रीशीटर अयूब से पूछताछ में लगातार चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं. पुलिस की सख्ती के बाद आरोपी द्वारा डरा-धमकाकर और धोखाधड़ी से लोगों की संपत्तियां हड़पने के मामलों की परतें खुलने लगी हैं. ताजा जांच में सामने आया है कि आरोपी अयूब ने एक फर्नीचर व्यापारी के अलावा एक अन्य व्यापारी को धमकाकर उसके मकान की पावर ऑफ अटॉर्नी अपने नाम करवा ली थी. आरोपी लोगों को उधारी और ब्याज के जाल में फंसाकर उनसे जबरन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाता था.
कोतवाली थानाधिकारी बुधाराम बिशनोई ने बताया कि पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वे खाली स्टाम्प पेपर बरामद कर लिए हैं, जिन पर पीड़ित व्यापारी हकीम से जबरन हस्ताक्षर करवाए गए थे. आरोपी द्वारा लिए गए खाली चेक की बरामदगी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है.
आरोपी का नेटवर्क केवल बांसवाड़ा तक सीमित नहीं है
जांच में सामने आया कि व्यापारी हकीम ने आरोपी से करीब 5 लाख रुपये उधार लिए थे और अब तक 6 लाख रुपये लौटा भी चुका था. इसके बावजूद आरोपी ने 14 लाख रुपये और बकाया बताकर पीड़ित व उसके परिवार को धमकाया, मारपीट की और मकान की पावर ऑफ अटॉर्नी लिखवा ली. पुलिस के अनुसार आरोपी का नेटवर्क केवल बांसवाड़ा तक सीमित नहीं है. डूंगरपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ जिलों में भी आरोपी द्वारा अवैध रूप से अर्जित चल-अचल संपत्तियों की जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अपराध से अर्जित धन कहां-कहां निवेश किया गया.
पुलिस ने पूरे मामले में क्या बताया ?
पूछताछ के दौरान शहर के करीब 10 से 12 अन्य लोगों के नाम भी सामने आने की संभावना हैं, जिन्हें आरोपी ने उधारी और ब्याज के जाल में फंसा रखा था. पुलिस इन संभावित पीड़ितों से संपर्क कर रही है ताकि मामले को और मजबूत किया जा सके, और पीड़ितों को न्याय मिले . सीआई बुधाराम बिशनोई ने बताया कि व्यापारी हकीम की एफआईआर के आधार पर कार्रवाई जारी है. खाली स्टाम्प बरामद हो चुके हैं, जबकि चेक की रिकवरी बाकी है. आरोपी की पीसी रिमांड लेकर आगे भी गहन पूछताछ की जाएगी और संपत्तियों की जांच जारी रहेगी.