
Rajasthan News: राजस्थान के उदयपुर में पिछले दो दिनों में एक महिला, एक पुरुष और एक बच्ची को मार डालने वाला 'आदमखोर तेंदुआ' अभी भी वन विभाग की पकड़ से बाहर है. इसके चलते ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. इसके कारण लोगों ने अकेले घरों से बाहर निकलना बंद कर दिया है. हालात बेकाबू होते देख प्रशासन ने पैंथर को पकड़ने के लिए सेना की मदद ली है. जो वन विभाग के साथ मिलकर सर्च ऑपरेशन चला रही है.

ड्रोन से निगरानी की तैयारी में आर्मी
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3 लोगों की ले चुका है अब तक जान
दरअसल, उदयपुर जिले के गोगुंदा तहसील के छाली ग्राम पंचायत के तीन गांव में पिछले 2 दिन में तेंदुए ने अब 3 लोगों की अब तक जान ले चुका है. ये तीनों ही घटनाएं 2 से 3 किलोमीटर की दूरी पर हुई है. ऐसे में छाली ग्राम में आने वाले सभी गांवों में पंचायत ने अलर्ट जारी कर दिया है. प्रशासन और वन विभाग की तरफ से जंगल की तरफ अकेले न जाने की ग्रामणों से लगातार अपील की जा रही है.
वन विभाग के 80 कर्मचारी मैदान में
उदयपुर डीएफओ अजय चित्तौड़ा ने बताया की पैंथर ने अब तक तीन लोगों की जाने ले ली है. इसके बाद उसे ट्रेंकुलाईज करने के लिए तीन टीमें तैनात की गई है.ये टीमें उदयपुर, राजसमंद और जोधपुर की है. इसके अलावा वन विभाग के 80 कर्मचारियों को मैदान में उतारा है. इसके साथ ही तेंदुए को ट्रैप करने के लिए पिंजरे भी लगाए है.

ड्रोन के साथ आर्मी
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आर्मी ने संभाला मोर्चा
वन विभाग अभी भी चिंतित है, क्योंकि तेंदुआ अभी भी उसकी पकड़ से बाहर है. ऐसे में उसने सेना की मदद ली है. क्योंकि इस समय प्रदेश में मानसून का सीजन चल रहा है, जंगलों में घनी हरियाली है. इसके चलते न तो तेंदुए के पगमार्क मिल रहे हैं और न ही उसकी लोकेशन मिल पा रही है.ऐसे में उदयपुर स्थित सेना की एकलिंगगढ़ छावनी से सेना की टीमें आई हैं.सेना ने अपने शक्तिशाली विजन ड्रोन से निगरानी शुरू कर दी है. जिन इलाकों में हमले हुए हैं और आसपास के इलाकों में ड्रोन से निगरानी की गई. लेकिन अब तक तेंदुआ नजर नहीं आया है. आपको बता दें कि बीती रात भी सेना ने सर्च ऑपरेशन चलाया था, लेकिन पैंथर नजर नहीं आया.
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