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This Article is From Nov 26, 2025

उदयपुर में नेशनल हाईवे पर सर्विस लेन न होने से किसान परेशान, विरोध प्रदर्शन पर उतरे लोग

सर्विसलेन उतारने के लिए जगह भी निर्धारित की हुई है. इसके बाद भी न तो प्रशासन कोई कदम बढ़ा रहा है और न हाईवे अथॉरिटी द्वारा कार्य किया जा रहा है. 

उदयपुर में नेशनल हाईवे पर सर्विस लेन न होने से किसान परेशान, विरोध प्रदर्शन पर उतरे लोग
उदयपुर में नेशनल हाईवे पर सर्विस लेन न होने से किसान परेशान

Rajasthan News: उदयपुर में देबारी से काया नेशनल हाईवे पर सर्विस लेन की मांग को लेकर पिछले चार दिन से क्षेत्र के किसान विरोध पर उतरे हुए हैं. किसानों का दावा है कि हाईवे अथॉरिटी द्वारा सर्विसलेन नहीं देने के कारण दो दर्जन से ज्यादा गांव के 30 हजार से ज्यादा लोग परेशानी से गुजर रहे हैं. ग्रामीणों को हाईवे पर 4 किलोमीटर की ज्यादा दौड़ लगाकर अन्य सर्विसलेन का सहारा लेना पड़ रहा हैं. हाईवे अथॉरिटी से मिलकर बात की और ज्ञापन भी दिया. उन्होंने प्रस्तावित सर्विसलेन बनाने का आश्वासन भी दिया,लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. 

22 किमी लंबा बनाया हाईवे

दरअसल, शहर के प्रवेश द्वार प्रतापनगर चौराहे पर जयपुर, जोधपुर, चित्तौड़गढ़ और गुजरात से आने-जाने वाले वाहनों का दबाव कम करने के लिए करीबन 22 किलोमीटर लंबा देबारी से काया हाईवे बनाया गया. क्योंकि प्रतापनगर चौराहे पर भारी दबाव से हादसे हो रहे थे और घंटों जाम लगा रहता था. तीन साल पहले हाईवे पर ट्रैफिक शुरू किया गया. इस हाईवे के देबारी से 12 किलोमीटर के दायरे में घनी आबादी क्षेत्र हैं और दो सर्विसलेन दिए हुए हैं. जबकि उमरड़ा, कानपुर के साथ दो दर्जन से ज्यादा गांव और शहरी क्षेत्र को जोड़ते हुए सड़क मार्ग पर सर्विसलेन नहीं दिया गया.

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इससे जो भी चित्तौड़गढ़ से आ रहा है यातो वह रीको इंडस्ट्रियल एरिया पर दिए सर्विसलेन पर जाता है जो चार किलोमीटर एक्स्ट्रा है, या प्रतापनगर चौराहे होते हुए आता है. इस बीच में घनी आबादी के साथ कई इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, दो बड़े हॉस्पिटल भी हैं. ग्रामीणों ने बताया कि ऐसा भी नहीं कि सर्विसलेन के लिए हाईवे अथॉरिटी को जमीन अवाप्त की प्रक्रिया में जाना पड़ेगा, हाईवे ने इसके लिए पहले ही जमीन अवाप्त की हुई है.

विरोध प्रदर्शन पर उतरे किसान

यहां तक कि सर्विसलेन उतारने के लिए जगह भी निर्धारित की हुई है. इसके बाद भी न तो प्रशासन कोई कदम बढ़ा रहा है और न हाईवे अथॉरिटी द्वारा कार्य किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा आबादी किसानों की है. विरोध प्रदर्शन भी मेवाड़ किसान संघर्ष समिति के बैनर तले किया जा रहा है. किसानों को उनके उत्पादों की सप्लाई करने के लिए जाने और फिर आने के समय सर्विसलेन की सबसे ज्यादा जरूरत पड़ रही है. हमारी यही मांग है कि रानी जी की वाड़ी के यहां पर प्रस्तावित सर्विसलेन को जल्द बनाए.

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