बांसवाड़ा के सदर थाना क्षेत्र में सुंदनपुर पुल के पास मिले युवक के शव के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है. युवक की मौत आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या थी. मृतक की पत्नी, नाबालिग पुत्र और गांव के रिश्तेदारों ने मिलकर उसकी हत्या कर शव नाले में फेंक दिया था. पुलिस ने पत्नी सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि नाबालिग पुत्र को डिटेन किया गया है. पुलिस जांच में सामने आया कि खेड़ापाड़ा टामटिया निवासी विट्ठल शराब पीने का आदी था और अक्सर घर में झगड़ा करता था. 18 फरवरी की रात वह नशे में घर पहुंचा और परिवार से विवाद करने लगा. इससे परेशान होकर पत्नी नीमा, नाबालिग बेटे और रिश्तेदारों ने मिलकर रुमाल से उसका गला घोंट दिया.
सीढ़ी पर बांधकर नाले में फेंकी लाश
हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की योजना बनाई. शव को लकड़ी की सीढ़ी पर बांधकर पैदल गांव से बाहर ले जाया गया और बहते पानी के नाले में फेंक दिया, ताकि मामला हादसा या आत्महत्या लगे.
हत्या के बाद करीब 10 दिन तक विट्ठल के लापता होने का नाटक किया गया. 26 फरवरी को पत्नी नीमा खुद थाने पहुंची और गुमशुदगी दर्ज करवाई. उसी दिन सुंदनपुर पुल के पास नाले में शव मिला. परिजनों ने पहचान कर अंतिम संस्कार भी कर दिया, लेकिन ग्रामीणों और मृतक के भाई को संदेह होने पर पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की.
पुलिस जांच में खुला राज
पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी के निर्देशन में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्य और पूछताछ के आधार पर पूरे मामले का पर्दाफाश किया. पुलिस ने खेड़ापाड़ा टामटिया निवासी नीमा (38) पत्नी विट्ठल, हरीश (36), शारदा (55) पत्नी जालमा चरपोटा तथा रजनी (23) पत्नी अनिल चरपोटा को गिरफ्तार किया है. वहीं नाबालिग पुत्र को डिटेन किया गया है. पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पूछताछ में हत्या करना स्वीकार किया है. उन्होंने बताया कि मृतक की शराब की लत और रोजाना होने वाले विवाद से परेशान होकर यह कदम उठाया गया. मामले में आगे की जांच जारी है.