राजस्थान के करौली जिले का प्रसिद्ध और रियासतकालीन 'शिवरात्रि पशु मेला' आज अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहा है। करीब 250 साल पुराने इस ऐतिहासिक मेले में कभी हज़ारों की संख्या में गौवंश, घोड़े और भैंसें आती थीं, लेकिन आज यह लगभग केवल ऊँटों का मेला बनकर रह गया है।