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This Article is From Sep 17, 2025

12 साल पहले सब इंस्पेक्टर ने किया था गुनाह... अब पहुंचा सलाखों के पीछे, पुलिस की हाईटेक तकनीक से हुई पहचान

राजस्थान पुलिस की हाईटेक तकनीक ने 12 साल पुराने डमी कैंडिडेट मामले में सब इंस्पेक्टर को बेनकाब कर जेल भेज दिया. 

12 साल पहले सब इंस्पेक्टर ने किया था गुनाह... अब पहुंचा सलाखों के पीछे, पुलिस की हाईटेक तकनीक से हुई पहचान
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी.

Rajasthan News: राजस्थान पुलिस की हाईटेक तकनीक ने एक बार फिर गुनहगार को बेनकाब कर दिया. 12 साल पहले डमी कैंडिडेट बनकर परीक्षा देने वाला एक पुलिस सब इंस्पेक्टर अब सलाखों के पीछे है. कोटा पुलिस ने अपने ही विभाग के इस अधिकारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. यह मामला 2013 की आरएसी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा से जुड़ा है जिसमें आरोपी ने दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दी थी. आइए जानते हैं कैसे खुला इस गुनाह का राज और कैसे पकड़ा गया यह दरोगा.

2013 में शुरू हुई कहानी

साल 2013 में आरएसी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा हुई थी. इस परीक्षा में जोधपुर के रहने वाले भंवरलाल विश्नोई ने अभ्यर्थी रामसिंह विश्नोई की जगह डमी बनकर परीक्षा दी. उस समय भंवरलाल शिक्षा विभाग में कार्यरत था. परीक्षा के बाद आरएसी कमांडेंट को एक गुमनाम शिकायत मिली जिसमें डमी कैंडिडेट का खुलासा हुआ. कोटा के दादाबाड़ी थाने में 2014 में इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई. जांच में पता चला कि रामसिंह की जगह भंवरलाल ने परीक्षा दी थी.

पुलिस की जांच और सबूत

पुलिस ने जांच शुरू की और परीक्षा केंद्र के उपस्थिति रजिस्टर से हस्ताक्षर का नमूना लिया. 2019 में एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की रिपोर्ट से साफ हो गया कि हस्ताक्षर भंवरलाल के थे.

इस बीच भंवरलाल ने सीएफएसएल (सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) से अपनी हैंडराइटिंग की जांच कराने की मांग की. इसके लिए उसने कोर्ट में अर्जी दी लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया. कोर्ट के इस फैसले के बाद पुलिस ने भंवरलाल की तलाश तेज कर दी.

पुलिस में शामिल हुआ आरोपी

हैरानी की बात यह है कि इस गुनाह के बाद भंवरलाल राजस्थान पुलिस में सब इंस्पेक्टर बन गया. वह पुलिस विभाग का हिस्सा बन चुका था. लेकिन उसका गुनाह उसे छोड़ने वाला नहीं था.

2020 में भंवरलाल को एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) ने ढाई लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था जब वह खेरवाड़ा में एसएचओ था. जमानत पर छूटने के बाद वह गायब हो गया था. लेकिन कोटा पुलिस ने हार नहीं मानी.

हाईटेक तकनीक ने किया बेनकाब

कोटा पुलिस ने क्राइम मैक पोर्टल और हाईटेक तकनीक का इस्तेमाल कर भंवरलाल को ढूंढ निकाला. 12 सितंबर 2025 को जयपुर में सब इंस्पेक्टर से सर्किल इंस्पेक्टर (सीआई) के लिए प्रमोशन परीक्षा देने पहुंचा भंवरलाल आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया. कोटा की दादाबाड़ी थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.

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