
Causes Of Body Pain: सुबह उठने के बाद बॉडी में दर्द महसूस हो तो हमें आगे आने वाली परेशानियों को लेकर सतर्क हो जाना चाहिए. जब आप अपनी मांसपेशियों में दर्द महसूस करते हैं, तेज सिरदर्द या पूरे शरीर में दर्द महसूस करते हैं, तो कुछ भी कर पाना मुश्किल होता है. अगर आपका शरीर अक्सर जागने पर दर्द करता है, तो इसके कारण आपका गद्दा, स्लीपिंग पॉजिशन, वजन, स्लीपिंग डिसऑर्डर सहित कई संभावित कारण हो सकते हैं. सिर्फ यही नहीं यहां कुछ अन्य कारण भी हैं जिनकी वजह से सुबह उठते ही हमारी पूरी बॉडी दर्द करने लगती है.
शरीर में दर्द होने के कारण | Causes of body pain
1. विटामिन डी की कमी
हाइपोकैल्सीमिया या लो ब्लड कैल्शियम लेवल तब हो सकता है जब आपके शरीर में पर्याप्त विटामिन डी न हो. आपके शरीर के कई जरूरी अंग जैसे आपकी किडनी और मांसपेशियां ठीक से काम करने के लिए कैल्शियम पर निर्भर हैं. हेल्दी रहने के लिए आपकी हड्डियों को भी कैल्शियम की जरूरत होती है.
2. एनीमिया
एनीमिया तब होता है जब आपके शरीर में रेड ब्लड सेल्स की कमी हो जाती है, इसलिए आपके शरीर के टिश्यू को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है. एनीमिया के साथ आपके शरीर के कई हिस्सों में थकान महसूस हो सकती है क्योंकि उन्हें हेल्दी रहने या ठीक से काम करने के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती है. एनीमिया के अन्य लक्षणों में शामिल हैं: थकावट, तेज हार्ट बीट, चक्कर आना या भटकाव, सिर या सीने में दर्द, ठंडे पैर या हाथ और पीली त्वचा.
3. बहुत ज्यादा वेट
बहुत ज्यादा वजन आपकी पीठ और गर्दन पर दबाव डालता है, जिससे दर्द होता है. नींद में सांस लेने में तकलीफ हो सकती है, नींद की क्वालिटी पर असर प्रभाव पड़ता है.
4. खराब क्वालिटी वाला गद्दा
स्लीप फाउंडेशन के अनुसार, खराब गुणवत्ता वाले गद्दे पर सोना आपके शरीर में दर्द के सबसे बड़ा कारणों में से एक है.
5. स्लीपिंग पोजीशन
खराब स्लीपिंग पॉजिशन से भी सुबह उठने पर शरीर में दर्द महसूस हो सकता है. आपकी स्लीपिंग पोजीशन से जागने पर आपके शरीर में दर्द हो सकता है. सामान्य तौर पर ज्यादातर लोगों के लिए साइड स्लीपिंग सबसे अच्छा होता है, खासतौर पर उन लोगों के लिए जो स्लीप ब्रीदिंग डिसऑर्डर जैसे ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया से पीड़ित होते हैं.
अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.