
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लगातार राजस्थान की जनता को चुनावी साल में हर दिन नई सौगात दे रहे हैं. प्रदेश में 1.40 करोड़ घरेलू और कृषि बिजली उपभोक्ताओं को बिजली बिल में लगने वाला फ्यूल सरचार्ज पूरी तरह खत्म कर दिया है. सीएम ने ‘इंदिरा गांधी डिजिटल फोन योजना' की शुरुआत पर कहा कि "मैं राज्य के सभी उपभोक्ताओं के लिए ईंधन अधिभार समाप्त करने की घोषणा करता हूं. इससे 2,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जिसे राज्य सरकार वहन करेगी." इस घोषणा के बाद अब आम घरेलू उपभोक्ता समेत कृषि उपभाेक्ता को भी इसका सीधा लाभ मिलने वाला है.
जनता को लुभाने में सरकार
राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार चुनावी साल में राजस्थान की जनता को लुभाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है. हर दिन गहलोत जनता को नई सौगात दे रहे हैं. बिड़ला सभागार में इंदिरा गांधी डिजिटल फोन योजना के लॉन्चिंग के दौरान सीएम ने बिजली बिल से फ्यूल सरचार्ज हटाने की घोषणा की है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि " बिजली कंपनियों को सरकार 2500 करोड़ रुपए देगी. कृषि और घरेलू कंज्यूमर्स का अब फ्यूल सरचार्ज पूरी तरह खत्म किया जाता है.
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राजस्थान में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या
प्रदेश में बिजली उपभोक्ता 1 करोड़ 52 लाख हैं. इसमें घरेलू बिजली उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 1 करोड़ 24 लाख हैं. जबकि प्रदेश में 16 लाख कृषि बिजली उपभोक्ता है. वहीं राजस्थान में घरेलू और कृषि बिजली उपभोक्ताओं की लगभग 1 करोड़ 40 लाख है और कॉमर्शियल व इंडस्ट्रियल 12 लाख उपभोक्ता हैं.
आपको बता दें कि राजस्थान में साल के अंत में राजस्थान विधानसभा चुनाव होने हैं. विपक्षी दल बीजेपी बिजली बिलों में सरचार्ज और बिजली की बढ़ी कीमतों को मुद्दा बना रखा था. सीएम ने मोबाईल फोन स्कीम की लॉन्चिंग के दौरान फ्यूल सरचार्ज माफ करने की घोषणा की है. चुनावी साल में सरकार किसानों को 2000 यूनिट तक बिजली फ्री देने की घोषणा पहले ही कर चुकी है.