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छह दिनों से 75 वर्षीय महिला रही डिजिटल अरेस्ट... 1.85 करोड़ करवाए ट्रांसफर, बैंक ने ठगी की जाल से निकाला

पहली बार बैंक की सजगता से पिछले 6 दिनों से डिजिटल अरेस्ट महिला को मुक्त करवाया. इतना ही नहीं महिला के खाते से 22 लाख रुपए भी ट्रांसफर होने से बचाए.

छह दिनों से 75 वर्षीय महिला रही डिजिटल अरेस्ट... 1.85 करोड़ करवाए ट्रांसफर, बैंक ने ठगी की जाल से निकाला
प्रतीकात्मक फोटो AI

Rajasthan Digital Arrest Fraud: पूरे देश में RBI और बैंक से लेकर साइबर पुलिस लोगों को बार-बार साइबर ठगी और डिजिटल अरेस्ट को लेकर जागरुक करते हैं. बार-बार बताया गया है कि डिजिटल रुप से किसी के झांसे में नहीं आएं और पैसे की संदिग्ध मांग पर तुरंत पुलिस को बताएं. लेकिन इसके बावजूद आए दिन डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आता है. ताजा मामला राजस्थान के जोधपुर से आया है, जहां 75 वर्षीय महिला को डिजिटल अरेस्ट का झांसे में लेकर अकाउंट से 1 करोड़ 85 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिये. इतना ही नहीं इसके बाद भी महिला को डराया जा रहा था, साथ ही और पैसे की मांग की जा रही थी. ठगों ने महिला को 6 दिन डिजिटल अरेस्ट कर रखा था. लेकिन बाद में बैंक को इस बारे में जब भनक लगी तो महिला को साइबर ठगों से मुक्त करवाया.

बताया जा रहा है कि पहली बार बैंक की सजगता से पिछले 6 दिनों से डिजिटल अरेस्ट महिला को मुक्त करवाया. इतना ही नहीं महिला के खाते से 22 लाख रुपए भी ट्रांसफर होने से बचाए. पूरा मामला जोधपुर के साइबर थाना इलाके का है. 

महिला का कर दिया ब्रेन वॉश 

कमला नेहरू नगर क्षेत्र में रहने वाली 75 वर्षीय महिला सरस्वती माहेश्वरी को ठगो ने डिजिटल अरेस्ट कर लिया. उसके बैंक खातों की जानकारी ले ली ओर उसे पैसे ट्रांसफर करने के लिए ब्रेन वॉश कर दिया. इसके बाद महिला ने SBI ब्रांच में जाकर पैसे ट्रांसफर करने के लिए आई. यहां से ठगो ने चैक के जरिए 1 करोड़ 85 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए. इस दौरान बैंक के कर्मचारियों ने भी महिला से इतने बड़े अमाउंट के ट्रांसफर करने को लेकर कोई सावधानी नहीं बरती. इसके बाद महिला ने 6/6 लाख रुपए के दो चेक बैंक को दिए जो पैसे नहीं होने के चलते वापस आ गए. इस पर ठगो ने महिला के पंजाब नेशनल बैंक के खाते में जमा रुपयों को ट्रांसफर करवाने के लिए कहा. 

इस तरह से हुआ खुलासा

दरअसल SBI बैंक में महिला ने ठगो को 1 करोड़ 85 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए, लेकिन जब वो पंजाब नेशनल बैंक पहुंची तो यहां के स्टाफ की सजगता की वजह से उसके खाते में जमा रुपए ट्रांसफर होने से बच गए. महिला ने बैंक में FD करवा रखी थी. जिनके 22 लाख रुपए ट्रांसफर करने के लिए आवेदन किया. यहां पर बैंक के स्टॉफ विवेक कुमार ने उनके हाव भाव देखकर संदेह हुआ. उन्होंने अपने सीनियर मुकेश सर, पंकज सर और मैनेजर उदय कुमार को बताया. जिस पर उन्होंने साइबर थाने से संपर्क किया और साइबर थाना के अधिकारियों ने बैंक कर्मियों को बताया कि निश्चित रूप से यह डिजिटल अरेस्ट का मामला हो सकता है. इसके बाद साइबर थाना के कर्मचारी भी बैंक पहुंचे और महिला से समझाइश  की. एक बार तो वृद्ध महिला कुछ भी मानने को तैयार नहीं थी बाद में पुलिसकर्मियों ने यूनिफॉर्म पहनकर उन्हें बताया कि वह असली पुलिस है और जो उन्हें वीडियो कॉल के माध्यम से धमका रहे हैं वह नकली पुलिस है. जिसके चलते इस पूरे मामले का खुलासा हुआ और महिला 22 लाख की ठगी का शिकार होने से बच गई. 

हालांकि SBI बैंक समय रहते इतने बड़ी रकम को ट्रांसफर करने से पहले महिला से पूछताछ करता तो शायद महिला ठगी का शिकार नहीं होती. लेकिन अब साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर ठगी करने वाले लोगों के अन्य खातों की जानकारी जुटाने में लगी है.

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