
Alwar CMHO Office: अलवर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने एसीबी ने कार्यवाही करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. इन लोगों ने बिल्डिंग बनाने वाले ठेकेदार से बिल पास करने की एवज में 1 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी. एसीबी जयपुर की टीम ने ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए एक्सईएन सहित 3 लोगों को गिरफ्तार किया है. रिश्वत मांगे जाने की शिकायत 5 महीने पहले मिली थी, जिसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयपुर संदीप सारस्वत के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई. तीनों आरोपियों के घर पर एसीबी जांच कर रही है.
एसीबी ने खंगाले सीएमएचओ दफ्तर के दस्तावेज
तीनों आरोपियों को धर दबाचने के बाद एसीबी की टीम ने स्वास्थ्य विभाग में भी जांच शुरू कर दी है. इस संबंध में एसीबी ने सीएमएचओ कार्यालय में दस्तावेज भी खंगाले. मामले में एसीबी ने बताया कि जुलाई माह में शिकायत मिली थी. शिकायत मिलने के बाद सत्यापन कराया गया, जब यह सही पाया गया तो ट्रेप की कार्रवाई की गई. एसीबी की टीम ने रात में यह कार्रवाई की. आरोपियों के पास से रिश्वत की राशि भी बरामद की गई है.
सीएमएचओ ऑफिस में AAO को भी मिलता था रिश्वत का कुछ हिस्सा
दरअसल, हाल ही में सीएमएचओ कार्यालय के भवन निर्माण का ठेका दिया गया था. जिसका बिल पास करने की एवज में रिश्वत की मांग की गई थी. इस कार्रवाई में सीएमएचओ ऑफिस के एक्सईएन जगन लाल मीणा से 50 हजार रुपए की राशि और उनके प्राइवेट बाबू जयनारायण शर्मा से 50 हजार रुपए की राशि बरामद की गई. सीएमएचओ कार्यालय में AAO सीताराम वर्मा को भी गिरफ्तार किया गया है.पूछताछ में सामने आया कि भ्रष्टाचार की राशि का कुछ हिस्सा सीताराम वर्मा को भी दिया जाता था.
यह भी पढ़ेंः "कलेक्टर ने कहा था- आप वोट डला दीजिए, मैंने तो आदेश की पालना की", फर्जी वोटिंग के आरोप पर SDM का जवाब