Rajasthan Fourth Grade Result: राजस्थान में हाल ही में चतुर्थ श्रेणी भर्ती परीक्षा का रिजल्ट जारी किया गया था. वहीं चतुर्थ श्रेणी भर्ती परीक्षा के रिजल्ट के बाद अभ्यर्थी नॉर्मलाइजेशन को लेकर कई आपत्तियां दर्ज करवा रहे हैं. अभ्यर्थियों का कहना है कि नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया के बाद में उनके अंक कम हुए हैं. सिरोही से आए अभ्यर्थी गणेश ने बताया कि उनके उत्तर कुंजी से मिलान पर 128 अंक बन रहे थे. लेकिन अब उनके केवल 9 अंक ही आए हैं. वहीं, हरियाणा से आए सोनू ने भी नॉर्मलाइजेशन को लेकर के इसी तरह की आपत्ति दर्ज कराई.
आलोक राज ने क्या दिया जवाब
वहीं, कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने कहा कि एक तय फार्मूला के जरिए ही नॉर्मलाइजेशन किया गया है. इसका उद्देश्य है हर शिफ्ट से करीब 6 हजार बच्चों का चयन हो. नॉर्मलाइजेशन के जरिए सभी शिफ्ट से हिस्सेदारी सुनिश्चित की जाती है.
हर अभ्यर्थी की एक कॉमन मेरिट लिस्ट बनाने का प्लान रहता है. हर लिस्ट में उसी हिसाब से मार्क्स घटते बढ़ते हैं. इसलिए जो भी अभ्यर्थी हर शिफ्ट में टॉप 9 हजार में रहे. उन्हीं का चयन हुआ है. इसमें सभी वर्गों को तय फार्मूले से प्राथमिकता दी गई है.
क्या है नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया
नॉर्मलाइजेशन (Normalization) एक सांख्यिकीय प्रक्रिया है जिसके जरिए कई शिफ्टों में आयोजित होने वाली परीक्षाओं में अभ्यर्थियों के प्राप्त अंकों को समान स्तर पर लाने के लिए अपनाई जाती है, जिससे किसी को भी पेपर के आसान या कठिन होने के कारण नुकसान न हो.और अभ्यर्थियों को निष्पक्ष मौका मिले और मेरिट लिस्ट जेनरलाइज्ड अंकों के आधार पर बने.
परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था हर शिफ्ट की परीक्षा के औसत अंक और कठिनाई स्तर का आकलन करती है. इसमें आसान शिफ्ट के अंक कम किए जाते हैं और कठिन शिफ्ट के अंक बढ़ाए जाते हैं, ताकि सभी उम्मीदवारों के अंक एक समान स्तर पर आ सकें. इसके लिए पर्सेंटाइल (Percentile) के आधार पर स्कोर निकाला जाता है, जिससे पता चलता है कि किसी उम्मीदवार ने कितने प्रतिशत लोगों से बेहतर प्रदर्शन किया है.
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