राजस्थान सरकार RGHS योजना में अनियमितताओं के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. एक बार फिर सीकर में भी ऐसी ही कार्रवाई हुई है. राजस्थान सरकार ने सीकर के 7 डॉक्टरों को निलंबित कर दिया है. जबकि एक अस्पताल और एक डायग्नोस्टिक सेंटर के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है. स्कीम में ऐसे कई अस्पताल, कार्मिक और डॉक्टर की भूमिका संदिग्ध पाई गई है. इस गड़बड़ी में शामिल कई ऐसे डॉक्टर्स भी पकड़ में आए हैं, जो मरीज़ों को भ्रम में रखकर महंगी जांच लिख रहे हैं. इन तमाम अनियमितताओं पर नकेल कसने के लिए सरकार ने एआई का सहारा लिया है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से उन लोगों का पता लगाया जा रहा है, जो फर्जी तरीके से क्लेम उठा रहे हैं.
इन फिक्स पैटर्न के जरिए पकड़ी गड़बड़ियां
दरअसल, एआई की मदद लेते हुए जांच एजेंसी ने पड़ताल करते हुए दवाइयां और हेल्थ चेकअप से जुड़े पैटर्न को मॉनिटर किया. जांच में सामने आया कि गैर-जरूरी होने पर भी अतिरिक्त जांच लिखना, पर्चियां बदलना और महंगी दवाइयां लिखी जा रही है. अब तक राज्य सरकार ने 21 FIR दर्ज कराई हैं. इन अनियमितताओं में एक जैसा पैटर्न सामने आया है. यह भी सामने आया कि ऑर्थो, न्यूरो और मेडिसिन जैसे विभागों में भारी गड़बड़ी की जा रही है.
कई चिकित्सक-कर्मचारी रडार पर
सूत्रों के अनुसार, करीब 10 अन्य डॉक्टर रडार पर हैं. साथ ही 15 कर्मचारी भी चिह्नित किए गए हैं, जो RGHS कार्ड का दुरुपयोग कर फर्जी क्लेम उठाए गए हैं. इस पूरे गड़बड़झाले में कई ऐसे भी मामले हैं, जिसमें प्राइवेट डॉक्टर द्वारा अपने परिजनों के लिए एक जैसी दवाईयां ही लिखी जा रही हैं.
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