Kekri Doctor Suicide Case: राजस्थान के अजमेर जिले के केकड़ी के सरकारी जिला अस्पताल में कार्यरत डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. अशोक कुमार मीणा ने मंगलवार को संदिग्ध हालात में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. डॉ मीणा पिछले एक साल से केकड़ी अस्पताल में अपनी सेवा दे रहे थे.मरने से पहले डॉ. मीणा ने मंगलवार सुबह 10.37 बजे व्हाट्सएप पर अपना आखिरी स्टेटस पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था कि 'मरीज नहीं देखे जाएंगे, अनावश्यक कॉल न करें'.
फंदे से नीचे उतरवाकर शव मोर्चरी में रखवाया
सूचना मिलने पर एसपी राजेश कुमार मील, सिटी पुलिस स्टेशन ऑफिसर अनिल शर्मा पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और शव को फंदे से नीचे उतरवाकर मोर्चरी में रखवाया. पुलिस ने मामले दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है.
फंदे से लटका हुआ था डॉ. अशोक मीणा का शव
मामले की जानकारी देते हुए ASP राजेश कुमार मील ने बताया कि अस्पताल के अधिकारियों ने पुलिस स्टेशन को डॉ. अशोक मीणा के सुसाइड की जानकारी दी. जिसके बाद पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़कर सरकारी क्वार्टर में घुसे जहां डॉक्टर का शव फंदे से लटका हुआ पाया. इसके बाद अस्पताल स्टाफ की मदद से शव को नीचे उतारवाया और पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया.
तबीयत खराब होने पर ली थी दिन की ड्यूटी
ASP ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती जांच में पता चला कि डॉ. मीणा ने सोमवार को तबीयत खराब होने का हवाला देकर दिन की ड्यूटी ली थी. लेकिन जब वे तय समय 2 बजे तक अस्पताल नहीं पहुंचे, तो PMO और अन्य लोगों ने उन्हें फोन किया. लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई. इसके बाद मेडिकल स्टाफ अस्पताल के पीछे सरकारी क्वार्टर में पहुंचा और दरवाजा खटखटाया. लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया.
खिड़की की दरार में देखकर घटना का लगा पता
इस दौरान एक कर्मचारी ने खिड़की की दरार में डॉ. मीणा की बॉडी फंदे से लटकी हुई देखी. जिससे उनके होश उड़ गए. इसके बाद मेडिकल अधिकारियों ने पुलिस को घटना की जानकारी दी. पुलिस के मुताबिक, पहली नज़र में यह मामला सुसाइड का लग रहा है. डॉक्टर के घर से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है.
घर की पूरी तलाशी में जुटी पुलिस
पुलिस के मुताबिक, मृतक डॉक्टर के परिवार वालों को बता दिया गया है. उनकी मौजूदगी में घर की पूरी तलाशी ली जाएगी. मृतक के पिता राजकोट में देवली के पास रहते हैं. फिलहाल, पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और क्वार्टर को सील कर दिया है. साथ ही, FSL टीम को मौके पर बुलाकर सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं.