
जैसलमेर के रेत के समंदर को कौन आसमान से नहीं निहारना नहीं चाहेगा. पर्यटकों को एक बार फिर यह मौका मिलने वाला है..हर वर्ष जैसलमेर आने वाले लाखों सैलानी अब हेलीकॉप्टर की मदद से मख्मली धोरों की आभा को निहार पाएंगे, क्योंकि ए-वन हेलीकॉप्टर फिर से सैलानियों को जॉयराइड का रोमांच उपलब्ध कराने जा रहा है. इसके लिए कंपनी ने पहल शुरू कर दी है. अगर सब कुछ ठीक रहा तो दिसंबर महीने के आखिरी हफ्ते से पहले जॉयराइड शुरू हो जाएगी.
गौरतलब है साल 2022 में सम के पार्किंग एरिया में हेलीपैड बनाकर जॉयराइड की शुरूआत की गई थी, लेकिन डीएनपी द्वारा आपत्ति जताने पर हेलीकॉप्टर जॉयराइड को बंद करना पड़ा था, लेकिन इस साल ए-वन हेलीकॉप्टर ने डीएनपी क्षेत्र को छोड़ते हुए लखमणा सेंड ड्यूंस पर हेलीपैड के लिए जगह का जायजा लिया है. ताकि इस बार जॉय राइड में कोई खलल न पड़े. इसके लिए ए-वन हेलीकॉप्टर कंपनी ने आवेदन भी कर दिया है.

हेलीकॉप्टर की मदद से रेत के समुंदर को निहार सकेंगे सैलानी
मखमली रेतीले टीलों पर 7 सीटर हेलीकॉप्टर उड़ान भरेगा. सैलानियों को आसमान से धोरों के गांवों का नजारा दिखाया जाएगा. बेल 407 हेलीकॉप्टर को इसके लिए जैसलमेर लाया जाएगा. हालांकि अभी कंपनी को प्रशासन से परमिशन नहीं मिला है.यह जॉयराइड दिसंबर के आखिरी हफ्ते तक हेलीकॉप्टर जॉयराइड शुरू होने की संभावना है.

जैसलमेर में पर्यटक आसमान में देख सकेंगे रेत के समुंदर का अदुभत नजारा
डीएनपी ने जताई थी जॉयराइड पर आपत्ति
गत 27 दिसंबर 2022 को राजस्थान पर्यटन विकास निगम के तत्वावधान में ए-वन कंपनी से अनुबंध करते हुए सम ढाणी से ट्रायल के तौर पर जॉयराइड हेलीकॉप्टर की सेवाएं शुरू की गई थी. इसके बाद डीएनपी ने इको सेंसेटिव जोन का हवाला देकर इस जॉयराइड को लेकर आपत्ति जताई थी. इसके बाद यह मामला एनजीटी में भी चला गया था, जिसके बाद ए-वन कंपनी ने 5 जनवरी 2023 को अपने सेवाएं बंद कर दी थी.
हर वर्ष लाखों देशी व विदेशी सैलानी जैसलमेर
हर वर्ष लाखों की तादाद में देशी व विदेशी सैलानी जैसलमेर को निहारने आते हैं. यहां आने वाले पर्यटक धोरों में धमाल करने का प्लान बनाकर एक रात का स्टे सम में करते है. ऐसे में सम क्षेत्र से नजदीक लखमणा सेंड ड्यूंस पर हेलीकॉप्टर जॉयराइड शुरू होने से सम आने वाले पर्यटक भी इस रोमांच से भरी जॉयराइड शुरू का आनंद ले पाएंगे .इतना ही नहीं, सैलानी के लिए आसमान से इस मखमली धोरों व रेत के समंदर को निहारने का अनुभाव काफी मजेदार साबित होगा.

5 मिनट की जॉयराइड के लिए चुकाने होंगे 5 हजार रुपए
23 -24 दिसंबर तक शुरू हो सकती है जॉयराइड
हेलीकॉप्टर जॉयराइड करवाने वाली कम्पनी के सीइओ सोहनसिंह नाथावत ने बताया कि पिछली बार सम क्षेत्र में इको सेंसेटिव जोन व गोडावण संरक्षण के लिए वन विभाग ने एनओसी जारी नहीं की थी. इससे पिछले साल जॉयराइड को बंद कर दिया गया था. इस साल फिर से लखमणा सेंड ड्यूंस पर आवेदन किया है.
इस बार 7 मिनट की बजाय 5 मिनट का होगा रूट
इस बार वन विभाग से भी जॉयराइड की परमिशन साथ में मांगी है ताकि फिर कोई परेशानी नहीं हो. परमिशन समय पर मिली तो 23 या 24 दिसंबर तक जॉयराइड शुरू कर दी जाएगी. पिछले साल 7 मिनट का रूट तय था. इस बार रूट छोटा करते हुए 5 मिनट का किया गया है.
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