Alwar News: राजस्थान में अलवर के रामगढ़ इलाके के बामनीखेड़ा गांव में गुरुवार को एक ऐसा हादसा हुआ जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया.गांव के अंबेडकर भवन के सामने एक प्राइवेट स्कूल बस ने उसी स्कूल में पढ़ने वाली मासूम बच्ची राखी को कुचल दिया.हादसा इतना भयानक था कि बच्ची की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई. इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम और गुस्से का माहौल है.
6 साल की राखी बस से उतरकर खड़ी रही पीछे
रिपोर्ट्स के मुताबिक, राखी के पिता दीपचंद बामनीखेड़ा के रहने वाले हैं.उनकी बेटी रामगढ़ के एक प्राइवेट स्कूल में प्राइमरी क्लास में पढ़ती थी. वह रोज अपने भाई तन्नू और गांव के दूसरे बच्चों के साथ स्कूल जाती थी. गुरुवार को, रोजाना की तरह, बस बच्चों को स्कूल छोड़ने के बाद गांव पहुंची. बच्चे उतरे और राखी का भाई तन्नू (8) बस से उतरकर आगे चला गया, जबकि 6 साल की राखी बस के पीछे ही खड़ी रही.
पिछले पहिए के नीचे आया सिर
अचानक, बहुत लापरवाही दिखाते हुए बस ड्राइवर ने सड़क के किनारे और साइड में लगे शीशों को देखे बिना बस को पीछे करना शुरू कर दिया. इसमें स्कूल बस के पीछे खड़ी मासूम राखी सीधे बस के पिछले पहिए के नीचे आ गई. जिससे बच्ची का सिर अगले पहिए के नीचे कुचल गया. मासूम बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई.
मौके से फरार हुआ बस ड्राइवर
हादसे के बाद ड्राइवर बस लेकर तुरंत मौके से फरार हो गया. गांव वालों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी. इसके बाद गांव वाले गुस्सा हो गए और मौके पर जमा हो गए. पुलिस मौके पर पहुंची और राखी की बॉडी को कब्जे में लेकर रामगढ़ सब-डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवाया. जहां पोस्टमार्टम के बाद बॉडी घरवालों को सौंप दी गई.
ड्राइवर के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज
मृतका मासूम के ताऊ बनवारी ने ड्राइवर के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है. उन्होंने लापरवाही के गंभीर आरोप भी लगाए हैं. घटना के बारे में गांव वालों का कहना है कि प्राइवेट स्कूल बसें नियमों का पालन किए बिना चल रही हैं, न कंडक्टर हैं, न सुरक्षा के इंतजाम हैं और न ही कोई प्रशासनिक देखरेख है.
ड्राइवर की तलाश जारी
मामले के बारे में थाना प्रभारी विजेंद्र सिंह ने बताया कि केस दर्ज कर लिया गया है और हर पहलू से जांच की जा रही है. फिलहाल ड्राइवर फरार है और उसकी तलाश जारी है. इस बीच, गांव में मांग है कि दोषी ड्राइवर और स्कूल मैनेजमेंट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि कोई और बेगुनाह ऐसी लापरवाही का शिकार न हो.
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