Rajasthan News: राजस्थान की राजधानी जयपुर के बिरला सभागार में हुए कांग्रेस के पंचायती राज सशक्तिकरण सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बड़ा राजनीतिक संदेश दिया. उन्होंने कहा कि अगर मौजूदा विधानसभा सत्र के दौरान पंचायत चुनाव की घोषणा नहीं होती है तो वे खुद और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली आमरण अनशन पर बैठेंगे. उनका कहना था कि सरकार को हर हाल में चुनाव करवाने पड़ेंगे.
जनप्रतिनिधियों को बताया उपेक्षित
डोटासरा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में पंचायत राज के जनप्रतिनिधि अपने अधिकारों के लिए भटक रहे हैं. पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्य रोज ओएमआईएस पोर्टल पर भुगतान की स्थिति देखते हैं लेकिन कोई जवाब नहीं मिलता. उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की आवाज दबा दी गई है और जनता का पैसा रोका जा रहा है.
मनरेगा और महिलाओं का रोजगार मुद्दा
मनरेगा पर बोलते हुए डोटासरा ने केंद्र सरकार पर योजना को कमजोर करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि राजस्थान से चालीस प्रतिशत अंडरटेकिंग मांगी जा रही है और बिना इसके पैसा नहीं दिया जा रहा. उन्होंने सवाल उठाया कि सवा लाख करोड़ रुपये से अधिक कर्ज वाले राज्य के लिए यह कैसे संभव है. उनका कहना था कि मनरेगा में काम करने वाली महिलाओं की रोजी रोटी छिन गई है.
पेंशन भुगतान में देरी पर नाराजगी
उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार ने एक करोड़ लोगों को पेंशन का कानूनी अधिकार दिया था लेकिन अब चार चार महीने से भुगतान नहीं हो रहा है.
विचारधारा और जांच एजेंसियों पर हमला
डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस गांधी जी के रास्ते पर चलती है जबकि भाजपा की सोच गोडसे की विचारधारा से जुड़ी है. उन्होंने जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया और कहा कि अगर किसी कांग्रेसी पर जरा सा भी भ्रष्टाचार साबित हो तो उसे जेल भेजा जाए.
परिसीमन पर गंभीर आरोप
उन्होंने दावा किया कि पंचायतों को तोड़कर मनमाने वार्ड बनाए गए. एक ही पंचायत के गांव अलग अलग वार्डों में बांटे गए. इस पूरी प्रक्रिया में भाजपा नेताओं की भूमिका बताई गई. डोटासरा ने साफ कहा कि कांग्रेस पंचायत राज को कमजोर नहीं होने देगी और जरूरत पड़ी तो सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी.
यह भी पढ़ें- प्रेम विवाह पर पंचों ने परिवार को जारी किया तुगलकी फरमान, 7.5 लाख के जुर्माने के साथ हुक्का-पानी किया बंद