
Balotra man died hospital negligence: बाड़मेर जिले के बालोतरा शहर में एक निजी अस्पताल पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगा है. वहां हाथ में फ्रैक्चर का इलाज करा रहे एक मरीज की संदिग्ध परिस्थितियों में अस्पताल में मौत हो गई. मरीज की पहचान 36 वर्षीय युवक मालाराम मेघवाल के रूप में हुई है. इस घटना के बाद परिजन अस्पताल से नाराज हो गए और न्याय के लिए अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए. अब स्थानीय नेताओं ने भी उनका समर्थन करना शुरू कर दिया है, जिसमें सांसद उम्मेदा राम बेनीवाल देर रात न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठे परिवार का समर्थन करने पहुंचे.
क्या है पूरा मामला?
सांसद उम्मेदा राम बेनीवाल ने इस मामले को सोशल मीडिया के जरिए लोगों के सामने साझा किया है. सांसद ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर घटना के बारे में पोस्ट कर मामले की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मालाराम मेघवाल के हाथ में फ्रैक्चर होने के बाद उन्हें बालोतरा के सिटी लाइट अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण मालाराम की मौत हो गई. उनकी मौत के बाद अस्पताल स्टाफ ने अपनी गलती छिपाने के लिए मालाराम को जबरन जोधपुर रेफर कर दिया. जब परिजन और अस्पताल का नर्सिंग स्टाफ मालाराम को इलाज के लिए जोधपुर के मेडिपल्स अस्पताल लेकर पहुंचे तो वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि उनकी मौत 3-4 घंटे पहले ही हो चुकी है। यह सुनकर परिजन दंग रह गए और अस्पताल के खिलाफ गुस्सा फैल गया.
बालोतरा में निजी सिटी लाइट अस्पताल में डॉक्टरों की घोर लापरवाही की वजह से सिर्फ हाथ फैक्चर के मरीज मालाराम की मौत हो गई, निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने मौत होने के बाद जान बूझकर अपनी गलती को छुपाने के लिए जबरदस्ती तरीके से पीड़ित परिवार को मृतक को ईलाज के नाम पर जोधपुर रैफर किए जाने…
— Ummeda Ram Beniwal (@UmmedaRamBaytu) August 28, 2025
दोषी डॉक्टरों को बचाने की हो रही है कोशिश
वहीं, धरना दे रहे सांसद बेनीवाल और लोगों ने जिला प्रशासन पर भी हठधर्मिता का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि प्रशासनिक अधिकारी उनसे बात करने के बजाय दोषी डॉक्टरों से मिलकर उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे हैं. परिजनों को धमकाया जा रहा है और उन पर मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी दी जा रही है.
धरने में परिवार को मिला इन नेताओं का सहयोग
इस घटना के बाद पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल भी धरने में शामिल हुए. उन्होंने इस घटना में परिवार वालों को न्याय दिलाने के लिए अपना दिल्ली और बिहार का प्रस्तावित दौरा भी रद्द कर दिया . साथ ही परिजनों के साथ पूरी रात धरना स्थल पर मौजूद रहे. उनके अलावा, पूर्व विधायक मदन प्रजापत और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के नेता थानसिंह सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि भी धरने में शामिल होकर परिवार का समर्थन कर रहे हैं.
डॉक्टरों का विरोध और प्रशासन पर आरोप
वही दूसरी तरफ बालोतरा डॉक्टर्स एसोसिएशन ने भी अपना विरोध दर्ज कराया है. एसोसिएशन ने आज (29 अगस्त) ओपीडी बहिष्कार का ऐलान किया है. उनका कहना है कि अस्पताल पर अनुचित दबाव बनाया जा रहा है, जिसके विरोध में उन्होंने यह कदम उठाया है.
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