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This Article is From Sep 18, 2025

Rajasthan: ब्यावर विधायक की बेटी के बाद अब बहू पर भी फर्जीवाड़े के आरोप, तलाकशुदा बताकर गलत दस्तावेज से ली नौकरी

Beawar News: शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि विधायक ने अपने रसूख का इस्तेमाल करते हुए पुत्र और पुत्रवधू के बीच तलाक बताया, जबकि दोनों साथ रह रहे हैं. तलाक के इसी दस्तावेज के आधार पर बहू को सरकारी नौकरी मिल गई.

Rajasthan: ब्यावर विधायक की बेटी के बाद अब बहू पर भी फर्जीवाड़े के आरोप, तलाकशुदा बताकर गलत दस्तावेज से ली नौकरी

Beawar MLA Shankar Rawat controversy: ब्यावर विधायक शंकर सिंह रावत की पुत्री पर फर्जी तरीके से नौकरी लेने के आरोप के बाद अब उनकी बहू भी घिर गई हैं. आरोप लग रहे हैं कि उनके बड़े पुत्र गोपाल सिंह की पत्नी सुनीता ने केवल कागजों में फर्जी तलाक लेकर सरकारी नौकरी हासिल कर ली. पूरा मामला सामने आने के बाद विधायक और उनके परिवार ने चुप्पी साध ली है. शिकायतकर्ता का कहना है कि शंकर सिंह रावत के बड़े पुत्र गोपाल सिंह और उनकी पत्नी सुनीता साथ ही रहते हैं और उनके दो बच्चे भी हैं. आरोप हैं कि विधायक ने अपने रसूख का इस्तेमाल करते हुए पुत्र और पुत्रवधू के बीच तलाक बताया, जबकि दोनों साथ रह रहे हैं. तलाक के इसी दस्तावेज के आधार पर बहू को सरकारी नौकरी मिल गई. शिकायतकर्ता फणीश सोनी का कहना है कि वह सिर्फ पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सबके सामने रख रहे हैं. सवाल किसी को सजा मिलनी या नहीं मिलने का नहीं, बल्कि विधायक की नैतिकता का है.

पार्टी नेतृत्व तक पहुंचा मामला

ब्यावर विधायक शंकर सिंह रावत पर लगे आरोपों का मामला अब पार्टी के आलाकमान तक भी पहुंच गया है. फ़नीश सोनी ने इस मामले में एक शिकायती पत्र बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ को भी लिखा है. फणीश का कहना है कि कागज़ों में फर्जी तलाक करवाकर 23 नवंबर 2005 को सुनीता देवी को तलाकशुदा दिखाया गया और उसी आधार पर उन्हें शिक्षा विभाग में परित्यक्ता कोटे में नौकरी दिलवा दी. नौकरी हासिल करने के बाद STC की डिग्री भी कराई. इसके बाद हिस्ट्री, समाजशास्त्र, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन के विषयों के साथ ग्रेजुएशन और फिर इंग्लिश लिटरेचर में पोस्ट ग्रेजुएशन भी करवा दी.

3-4 महीने में एक बार स्कूल जाती है महिला 

जानकारी के मुताबिक, विधायक की पुत्रवधू फिलहाल रतना भोपा का बाड़िया स्कूल में तैनात है. स्कूल के स्टाफ ने अपना नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि विधायक की पुत्रवधू तीन-चार महीने में एक बार आती हैं और रजिस्टर में एक साथ दस्तखत करके चली जाती हैं.

विधायक पुत्र से किया सवाल तो काट दिया कॉल

जब विधायक से इस संबंध में सवाल करने के लिए संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया और उनके पुत्र गोपाल सिंह ने सवाल सुनने के बाद आवाज ना आने की बात कहते हुए फोन काट दिया. इसके बाद गोपाल सिंह का फोन ही स्विच ऑफ है. 

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