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उज्जैन में बोरवेल में गिरा था पाली का भागीरथ, 23 घंटे रेस्क्यू के बाद 3 साल के मासूम की मौत

राजस्थान के पाली के रहने वाला तीन साल के मासूम भागीरथ की मौत हो गई है. वह उज्जैन में एक बोरवेल में गिर गया था. वहीं 23 घंटे के रेस्क्यू के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका.

उज्जैन में बोरवेल में गिरा था पाली का भागीरथ, 23 घंटे रेस्क्यू के बाद 3 साल के मासूम की मौत
भागीरथ को नहीं बचाया जा सका

Ujjain Borewell Rescue: मध्यप्रदेश के उज्जैन में गुरुवार (9 अप्रैल) की रात को राजस्थान पाली के रहने वाले 3 साल का भागीरथ बोरवेल में गिर गया था. लेकिन काफी मशक्कत के बाद भी मासूम को नहीं बचाया जा सका. लगातार रेस्क्यू के बावजूद बालक का शव 23 घंटे बाद निकाला जा सका. मामले में बड़नगर पुलिस अब जांच करेगी कि बालक के बोरवेल में गिरने की वजह क्या रही. बताया जा रहा है कि राजस्थान स्थित पाली निवासी प्रवीण का तीन वर्षीय पुत्र भागीरथ गुरुवार करीब 7.30 बजे बड़नगर के पास स्थित ग्राम झलारिया मे अय्यूब खान के खेत के बोरवेल में गिर गया था. दिल दहलाने वाली इस घटना से पूरे जिले में हड़कंप मच गया था सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया और रेस्क्यू शुरू कर दिया.

SDRF की टीम रात भर रेस्क्यू करती रही, लेकिन इसके बावजूद शुक्रवार सुबह 6 बजे तक बालक के नहीं निकला जा सका. इस दौरान पर NDRF की टीम भी पहुंची और रेस्क्यू शुरू किया. SDRF और NDRF दोनों ही टीम ने कठिन प्रयास किये. जिससे बालक को शाम 6.30 बजे निकाला जा सका. हालांकि तब तक देर हो चुकी थी और भागीरथ की जान जा चुकी थी.

बोरवेल में कैसे पहुंचा भागीरथ

बताया जाता कि प्रवीण का परिवार ऊंट और भेड़ के साथ गांव-गांव घूमते हैं. घूमते हुए उनका परिवार तीन महीने पहले उज्जैन पहुंचा था. वहीं तीन दिन पहले ही वह लोग शहर से करीब 70 किलोमीटर दूर बड़नगर के झलारिया गंव में अय्यूब खान के खेत में पहुंचा था. यहां से प्रवीण अपने घर चला गया था. वहीं उसकी पत्नी जतना गुरुवार रात बेटे भागीरथ के साथ भेड़ लेकर डेर पर जा रही थी. इस दौरान पास ही स्थित बोरवेल का ढक्कन भेड़ ने गिरा दिया. वहीं भागीरथ जब ढक्कन हटा रहा था तो वह बोरवेल में जा गिरा.

जैसे ही यह घटना हुई तो इसकी सूचना आग के तरह फैल गई. वहां लोग जुट गए और पुलिस-प्रशासन को इसकी सूचना दी गई. गुरुवार रात करीब 8 बजे पुलिस-प्रशासन मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ. बाद में SDRF और NDRF की टीम भी पहुंच गई.

23 घंटे रेस्क्यू में क्या-क्या हुआ

रेस्क्यू टीम के साथ कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा पहुंच गए इस दौरान एसडीआरएफ की टीम ने बोरवेल में रस्सी, ऑक्सीजन की नली डालने के साथ कैमरा डाला ओर मानीटर पर बच्चे की हलचल पर नजर रखते रहे. वहीं प्रशासन ने पांच जेसीबी ओर पोकलेन से पास ही गड्ढा भी खोदना शुरू किया. सुबह तक करीब 100 फीट लंबा और 30 फीट गहरा गड्ढा खोद दिया गया. इसके बावजूद सफलता नहीं मिली. सुबह NDRF टीम भी  एसडीआरएफ के साथ प्रयास शुरू किया. इस दौरान कई बार बच्चा ऊपर तक आया लेकिन कभी रस्सी टूटने से तो कभी अन्य कारण से बच्चा वापस बोरवेल की गहराई में जाता रहा. वहीं शाम 6.30 बजे बच्चे को निकाला गया. लेकिन तब तक उसकी जान जा चुकी थी. बच्चे को अस्पताल भेजा गया जहां डॉक्टरों ने उसकी मौत की पुष्टि की.

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