राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव पर हाल ही हाईकोर्ट से मिली नई डेड लाइन के बाद सरकार ने साफ किया कि वह चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है. यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने सोमवार को कहा कि राज्य चुनाव आयोग जब भी उचित समय समझेगा तो सरकार तैयार है. सीकर में मीडिया से बातचीत में UDH मंत्री ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश की पालना की पालना निर्वाचन आयोग करनी है और जब भी निर्वाचन आयोग सही समय समझे व सरकार से किसी भी सहयोग की अपेक्षा करे तो राज्य सरकार तत्काल निर्वाचन आयोग को सहायता देने के लिए तैयार है.
सरकार स्तर से काम पूरा- UDH मंत्री
झाबर सिंह खर्रा ने पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर कहा कि सरकार के स्तर पर तीन माह पहले ही पंचायत राज, पंचायत समिति पुनर्गठन, नई पंचायत का सृजन और उनके वार्डों का पुनर्गठन सहित नगर निकाय के सीमा विस्तार से लेकर वार्डों के पुनर्गठन का काम पूरा कर लिया गया है. अब सरकार चुनाव कराने के लिए पूरी तरह से तैयार है. विपक्ष पर निशाना साधते हुए मंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के समय ओबीसी आयोग का गठन नहीं किया गया और जब हमारी सरकार के संज्ञान में यह मामला आया तो इस पर ओबीसी आयोग का गठन किया गया.
उन्होंने कहा कि उसे समय अधिकतर सरकारी कर्मचारियों की SIR में ड्यूटी लगी हुई थी, जिसके चलते पूरी में पावर से आंकड़ों पर काम नहीं हो सका, जिसके चलते ही ओबीसी आयोग सरकार को सही आंकड़े प्रस्तुत नहीं कर पाया. ऐसे में बिना रिपोर्ट ओबीसी वर्ग के लोगों को राजनीतिक आरक्षण देने का प्रश्न आया तो मैं विधानसभा में भी प्रतिपक्ष सदस्यों से यह आग्रह किया था कि अगर प्रतिपक्ष यह चाहता है कि पिछड़ा वर्ग आयोग को आरक्षण दिए बगैर पंचायत राज और नगर निकाय के चुनाव करवाए जाएं तो इसके लिए लिखित में मांग प्रस्तुत करें.
OBC आयोग का आंकड़ा बना रोड़
इसके बाद राज्य सरकार उसे पर विचार करेगी, लेकिन आज तक भी किसी प्रतिपक्ष से द्वारा इस तरह की मांग लिखित में नहीं दी गई. जिसके चलते ही राज्य निर्वाचन आयोग ओबीसी आयोग के सटीक आंकड़े का इंतजार कर रहा है. झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि मेरी जानकारी के अनुसार अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सामने एक बड़ी परेशानी सामने आई है कि सरकार का अधिकांश मैनपॉवर जनगणना में लगा हुआ है, ऐसे ओबीसी आयोग का मानना है कि अब भी प्रशासन से अन्य पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या के सटीक आंकड़े मिलने में एक डेढ़ महीने का समय और लग सकता है और उसके बाद जब उन्हें सटीक आंकड़े मिलेंगे तो ही वह सही आंकड़े राज्य सरकार को प्रस्तुत करेंगे. इसके बाद 7 से 10 दिन का समय आंकड़ों को जांचने में लगेगा और उसके बाद आगे का निर्णय होगा. उन्होंने कहा कि अब राज्य निर्वाचन आयोग विधिक राय लेकर पूरा निर्णय करना है, अब राज्य सरकार के आधार पर कोई भी बात या काम लंबित नहीं है.
बता दें कि राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में (22 मई) राज्य सरकार को 31 जुलाई तक पंचायत और निकाय चुनाव करवाने के निर्देश दिए. अदालत ने साथ ही ओबीसी आयोग को 20 जून तक रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं. इससे पहले हाई कोर्ट ने पिछले साल नवंबर में राज्य सरकार को 15 अप्रैल 2026 तक चुनाव करवाने का निर्देश दिया था. लेकिन राज्य सरकार ने इसमें असमर्थता जताते हुए दिसंबर 2026 तक का समय मांगा था. ऐसे में पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर हाईकोर्ट की नई डेडलाइन और फिर यूडीएच मंत्री के बयानों से पंचायत और निकाय चुनाव जल्दी होने की उम्मीद बनी है.
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