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This Article is From Mar 13, 2026

यूपी की नाबालिग लड़की का राजस्थान में हो रहा था बाल विवाह, प्रशासन ने एनवक्त पर पहुंचकर रुकवाए फेरे

उत्तर प्रदेश के आगरा (किरावली) से आई वधु और भरतपुर के गोपालगढ़ निवासी दूल्हे के परिजनों को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देकर पाबंद किया गया है. यूपी पुलिस की तरफ से पहले पाबंद किए जाने के बावजूद भरतपुर में गुपचुप तरीके से यह शादी रचाई जा रही थी.

यूपी की नाबालिग लड़की का राजस्थान में हो रहा था बाल विवाह, प्रशासन ने एनवक्त पर पहुंचकर रुकवाए फेरे
भरतपुर में प्रशासन ने रुकवाया बाल विवाह.
NDTV Reporter

Rajasthan News: भरतपुर जिला प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गुरुवार रात एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की की शादी रुकवा दी है. यह शादी आगरा (उत्तर प्रदेश) की रहने वाली लड़की और भरतपुर के गोपालगढ़ निवासी युवक के बीच शहर के एक मैरिज होम में होने जा रही थी.

यूपी में पाबंद किया, तो भरतपुर को चुना

जानकारी के अनुसार, लड़की आगरा जिले के किरावली थाना क्षेत्र की निवासी थी. वहां की पुलिस ने वधु पक्ष को पहले ही बाल विवाह न करने के लिए पाबंद किया था. लेकिन सामाजिक दबाव और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए परिजनों ने भरतपुर में गुपचुप तरीके से शादी करने का फैसला किया.

कागजों में खुली पोल

सूचना मिलने पर पटवारी बृजमोहन शर्मा और एसआई होतमसिंह पुलिस जाप्ते के साथ काकाजी की कोठी स्थित मैरिज होम पहुंचे. जब वर-वधू के दस्तावेजों की जांच की गई, तो लड़की की उम्र मात्र 17 साल पाई गई.

कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

पटवारी बृजमोहन शर्मा ने बताया कि प्रशासन ने दूल्हे और दुल्हन के परिजनों के बयान दर्ज कर उन्हें पाबंद किया है. अधिकारियों ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि लड़की के बालिग होने से पहले दोबारा शादी करने की कोशिश की गई, तो परिवार के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

बाल विवाह कानून: क्या कहता है एक्ट और कितनी है सजा?

प्रशासन द्वारा की गई इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के बारे में भी जागरूक किया. कानून के अनुसार, 'बाल विवाह को एक संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में रखा गया है. बाल विवाह करवाने, इसमें सहायता करने या इसे बढ़ावा देने वाले माता-पिता, अभिभावक या अन्य व्यक्तियों को 2 साल तक के कठोर कारावास और 1 लाख रुपये तक के जुर्माने की सजा हो सकती है. यदि नाबालिग चाहे, तो बालिग होने के दो साल के भीतर वह अपनी शादी को अवैध घोषित करवा सकती है. यदि किसी मैरिज होम या गार्डन में बाल विवाह होता है, तो संचालक पर भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.'

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