Nimesulide Drug Banned News: केंद्र सरकार ने लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए नाइमेसुलाइड दवा पर कड़ा प्रतिबंध लगा दिया है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने 29 दिसंबर 2025 को जारी एक नई अधिसूचना में कहा है कि 100 मिलीग्राम से ज्यादा वाली सभी तुरंत असर करने वाली मुंह से ली जाने वाली दवाओं का बनाना बेचना और बांटना तुरंत बंद हो जाएगा. यह फैसला ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 की धारा 26ए के तहत लिया गया है.
सरकार ने ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड से सलाह लेने के बाद यह कदम उठाया क्योंकि यह दवा इंसान की सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती है और बाजार में इसके सुरक्षित विकल्प आसानी से मिल जाते हैं. यह नोटिफिकेशन गजट ऑफ इंडिया के एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी पार्ट II सेक्शन 3(ii) में एस.ओ. 6091(ई) के नाम से छपा है और पूरे भारत में लागू होगा.
गुजरात में घटिया सिरप का खुलासा
इस बीच गुजरात के ड्रग कंट्रोलर ने बी. शारदा लाइफसाइंस कंपनी की जेनॉक्सोल एसएफ सिरप को जांच में अयोग्य पाया. बैच नंबर बीएस250613 वाले इस सिरप में एम्ब्रोक्सोल हाइड्रोक्लोराइड की मात्रा 15 मिलीग्राम बताई गई थी लेकिन जांच में सिर्फ 10.35 मिलीग्राम यानी 69 प्रतिशत ही मिली.
इसी तरह मेंथॉल 1 मिलीग्राम के बजाय 0.639 मिलीग्राम यानी 63.9 प्रतिशत पाया गया. सबसे चिंताजनक बात यह कि डीईजी की मात्रा 0.584 प्रतिशत थी जो तय सीमा 0.1 प्रतिशत से कहीं ज्यादा है. यह खुलासा दवा कंपनियों के लिए बड़ा झटका है और लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी देता है.
सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ाव
यह प्रतिबंध दवा बनाने वाली कंपनियों और आम उपभोक्ताओं दोनों के लिए महत्वपूर्ण संदेश है. अब कंपनियां कम खुराक वाली नाइमेसुलाइड या अन्य सुरक्षित दवाओं की तरफ रुख करेंगी. राजस्थान गुजरात जैसे राज्य पहले से ही ड्रग कंट्रोलर के जरिए सख्ती बरत रहे हैं.
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे कदमों से नकली या कम गुणवत्ता वाली दवाओं पर रोक लगेगी और बाजार साफ-सुथरा बनेगा. सरकार ने साफ चेतावनी दी है कि अगर कोई इस नियम का उल्लंघन करेगा तो उस पर कड़ी कार्रवाई होगी. डॉक्टरों और मरीजों को सलाह है कि दवा हमेशा चिकित्सक की राय से ही लें ताकि कोई जोखिम न हो.
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