
Rajasthan Illegal Mining: राजस्थान में अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिये गए थे. लेकिन इसके बावजूद अवैध खनन का काम जारी है. लेकिन अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अवैध खनन की रोकथाम के लिए राज्य सरकार की सख्ती का संकेत दिया है. सीएम हाउस पर बुधवार (2 अप्रैल) को एक समीक्षा बैठक की गई, जिसमें मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों को सख्त निर्देश दिए हैं, जिसमें उन्होंने कहा कि खनन माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई करें और कानून की सख्ती से पालना सुनिश्चित करें. सीएम ने यह भी कहा कि अब अवैध खनन पर प्रभावी कार्रवाई के लिए आकस्मिक संयुक्त अभियान चलाया जाएगा.
संयुक्त टास्क फोर्स करेगी मॉनेटरिंग
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यालय स्तर पर संयुक्त टास्क फोर्स बनाए जाने के निर्देश दिये हैं. जो अवैध खनन की निगरानी और औचक निरीक्षण करेगी. उन्होंने कहा कि पुलिस, जिला प्रशासन, वन, परिवहन और खनन विभाग को आपसी समन्वय बनाकर काम करना होगा, ताकि अवैध खनन पर पूरी तरह से रोक लग सके.
ड्रोन से होगी निगरानी
मुख्यमंत्री शर्मा ने अवैध खनन की मॉनिटरिंग के लिए ड्रोन सर्वे और आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि ड्रोन से पूरे क्षेत्र की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई जाए ताकि अवैध खनन की सटीक जानकारी मिल सके और त्वरित कार्रवाई की जा सके.
खनन प्रभावित जिलों में होगी सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने टोंक, नागौर, भीलवाड़ा, सवाई माधोपुर, डीग, कोटपूतली, राजसमंद और चित्तौड़गढ़ समेत खनन प्रभावित जिलों के कलेक्टरों से रिपोर्ट ली और जरूरी दिशा-निर्देश दिए. उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि वैध खनन को बढ़ावा मिले और राज्य का राजस्व बढ़े.